Tulsi Plant Care: धार्मिक मान्यता के साथ-साथ औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी का पौधा भारत के लगभग हर घर में पाया जाता है। तुलसी को “तुलसी माता” का दर्जा दिया गया है और आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान माना गया है। हालांकि, सर्दियों के मौसम में तुलसी का पौधा अक्सर सुप्तावस्था (Dormant Stage) में चला जाता है, जिससे इसके पत्ते पीले पड़ने लगते हैं या पौधा मुरझा जाता है।

इस मौसम में अगर सही देखभाल न की जाए, तो तुलसी का पौधा खराब भी हो सकता है। आइए जानते हैं सर्दियों में तुलसी के पौधे को स्वस्थ और हरा-भरा रखने के आसान उपाय।
ठंडी हवाओं से बचाव है सबसे जरूरी
सर्दियों में ठंडी हवाएं तुलसी के लिए नुकसानदायक होती हैं। पौधे को खुले में रखने के बजाय धूप वाली सुरक्षित जगह पर रखें। यदि तुलसी गमले में है, तो रात के समय उसे घर के अंदर या दीवार के पास रखें।
पानी की मात्रा रखें संतुलित
सर्दियों में तुलसी को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती।
- हफ्ते में 2–3 बार हल्का पानी पर्याप्त है।
- ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं।
- पानी तभी दें जब मिट्टी ऊपर से सूखी लगे।
धूप है संजीवनी
तुलसी को रोजाना कम से कम 3–4 घंटे की धूप जरूर दें। सुबह की हल्की धूप सबसे बेहतर मानी जाती है। इससे पौधे की ग्रोथ बनी रहती है और पत्तियां हरी रहती हैं।
खाद और पोषण का ध्यान
सर्दियों में ज्यादा खाद देने से बचें। महीने में एक बार गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट पर्याप्त है।केमिकल फर्टिलाइज़र का प्रयोग न करें।पत्तियों की छंटाई जरूरी पीली या सूखी पत्तियों को समय-समय पर हटा दें। इससे पौधे की ऊर्जा नए पत्तों के विकास में लगेगी।
धार्मिक मान्यताओं का भी रखें ध्यान
धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी को रोज सुबह जल अर्पित करें और दीपक जलाएं। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और पौधा भी स्वस्थ रहता है।
