यूपी सरकार का बड़ा फैसला: शिक्षा मित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 प्रतिमाह मानदेय

✍️Amisha Sachan
यूपी सरकार का बड़ा फैसला: शिक्षा मित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को ₹17,000 प्रतिमाह मानदेय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत देते हुए उनके मानदेय में वृद्धि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में घोषणा की कि अब शिक्षा मित्रों को 18,000 रुपये प्रतिमाह और अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा।लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे इन कर्मियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।

कितने शिक्षा मित्रों को मिलेगा लाभ?

उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 1 लाख 43 हजार शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। बसपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया था।वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान इन्हें सहायक शिक्षक बना दिया गया।हालांकि, यह निर्णय हाई कोर्ट में चुनौती दी गई क्योंकि RTE एक्ट के तहत सहायक शिक्षक बनने के लिए TET पास करना अनिवार्य था।मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सहायक शिक्षकों की भर्ती रद्द कर दी गई।इसके बाद ये सभी फिर से शिक्षा मित्र के रूप में कार्यरत हो गए और उन्हें लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाने लगा, जबकि सहायक शिक्षक के रूप में उन्हें करीब 50,000 रुपये वेतन मिलता था।अब सरकार के नए फैसले के बाद शिक्षा मित्रों को ₹18,000 प्रतिमाह मिलेगा।

अनुदेशकों को भी बड़ी राहत

प्रदेश के जूनियर हाई स्कूलों में करीब 24,000 से अधिक अनुदेशक संविदा पर कार्यरत हैं।अब तक उन्हें लगभग 7,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद अब उन्हें ₹17,000 प्रतिमाह दिया जाएगा।यह फैसला शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत संविदा कर्मियों के लिए बड़ी आर्थिक राहत लेकर आया है।

क्या है सरकार का संदेश?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षाकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। मानदेय वृद्धि से शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और वे बेहतर मनोबल के साथ कार्य कर सकेंगे।

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