Shankaracharya Avimukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की नई मांग, 40 दिन में गोमाता को राज्य पशु घोषित करे सरकार

✍️By: Nation Now Samachar Desk
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की नई मांग, 40 दिन में गोमाता को राज्य पशु घोषित करे सरकार

काशी/प्रयागराज। प्रयागराज में संगम स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने अब काशी से एक नई मांग सामने रखी है। प्रशासन द्वारा माफी की पेशकश पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब माफी का विषय पीछे छूट चुका है और आगे की रणनीति तय कर ली गई है।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि वे 10 और 11 मार्च को संत समाज के साथ लखनऊ जाएंगे और सरकार के सामने अपनी मांगें रखेंगे। उनकी प्रमुख मांग है कि 40 दिनों के भीतर गोमाता को राज्य पशु घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह मांग जनभावना और धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है।

क्यों हुआ था संगम स्नान विवाद?

गौरतलब है कि मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी पर सवार होकर संगम स्नान के लिए जा रहे थे। लेकिन माघ मेला प्रशासन ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए पालकी के साथ आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

साधु-संतों के दुर्व्यवहार से नाराज

शंकराचार्य ने कहा कि उनका विरोध सम्मान न मिलने का नहीं, बल्कि बटुकों, संतों और साधु-संन्यासियों के साथ हुए दुर्व्यवहार का है। उन्होंने पहले प्रशासन से स्पष्ट माफी की मांग की थी।खबरों के मुताबिक, प्रशासन ने प्रस्ताव रखा था कि जब भी महाराज जी स्नान के लिए आएंगे, उन्हें ससम्मान पालकी के साथ संगम तक ले जाया जाएगा और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा। लेकिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अब उनका आंदोलन एक नई दिशा में आगे बढ़ चुका है।अब उनकी लखनऊ यात्रा और गोमाता को राज्य पशु घोषित कराने की मांग पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजरें टिकी हैं।

उत्तर प्रदेश से और खबरें