HimachalPradesh: हिमाचल प्रदेश में जलाधारी बाबा मंदिर, प्राकृतिक गुफा में शिवलिंग पर बहती जलधारा

✍️Amisha Sachan
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HimachalPradesh: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के क्यारवां गांव में स्थित जलाधारी बाबा मंदिर एक अद्भुत धार्मिक और प्राकृतिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। यह मंदिर लगभग 150 फीट x 150 फीट क्षेत्रफल वाली प्राकृतिक गुफा में स्थित है, जो अपने आप में ही आश्चर्यजनक है। गुफा के भीतर शिवलिंग स्वयं विराजमान हैं और उनके ऊपर प्राकृतिक जलधारा निरंतर बहती रहती है, जो इस स्थान की खास पहचान बन गई है। यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्राकृतिक चमत्कार और अनोखी आकृतियों के कारण भी आकर्षण का केंद्र है। गुफा में मौजूद प्राकृतिक संरचनाएं जैसे कामधेनु की आकृति, शेषनाग और गणेश जी की आकृतियां, इसे भक्तों और पर्यटकों दोनों के लिए विशेष बनाती हैं।

गुफा में अद्भुत प्राकृतिक आकृतियां

जलाधारी बाबा मंदिर की गुफा में देखा जा सकता है कि शिवलिंग के आसपास प्राकृतिक रूप से बनी आकृतियां हैं, जो मानवीय कल्पना से परे हैं। गुफा के भीतर एक संरचना कामधेनु गाय के थन जैसी प्रतीत होती है।प्राकृतिक शेषनाग की आकृति श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है।गणेश जी की आकृति भी गुफा में स्पष्ट दिखाई देती है, जो मंदिर की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाती है।इन अद्भुत प्राकृतिक स्वरूपों ने इस स्थान को केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बनाया है, बल्कि पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का विषय बना दिया है।

महंत की मान्यता और ज्योतिर्लिंग का महत्व

मंदिर के पुजारी महंत डॉ. यति निर्भयानंद के अनुसार, जलाधारी बाबा का यह स्थल विश्व का चौथा ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यहां की मान्यता के अनुसार पहले इन प्राकृतिक थनों से दूध शिवलिंग पर गिरता था, जो बाद में जल में बदल गया। यह चमत्कारिक घटना भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।शिवलिंग पर बहती जलधारा और प्राकृतिक आकृतियों की वजह से श्रद्धालु यहां आते हैं और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करते हैं। मंदिर में आने वाले लोग न केवल पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण का आनंद भी उठाते हैं।

पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण

जलाधारी बाबा मंदिर न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि दूर-दूर से आने वाले भक्तों के लिए भी आस्था और विश्वास का केंद्र है। मंदिर की प्राकृतिक गुफा, शिवलिंग पर निरंतर बहती जलधारा, और अद्भुत प्राकृतिक आकृतियां इसे धार्मिक यात्रा के लिए अनोखा अनुभव बनाती हैं।भक्त यहां आकर न केवल अपने मनोकामनाओं की पूर्ति की उम्मीद करते हैं, बल्कि आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक चमत्कार का अनुभव भी पाते हैं। हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर आए पर्यटक अक्सर इस मंदिर को अपनी यात्रा सूची में शामिल करते हैं, ताकि वे प्राकृतिक और धार्मिक अनुभव का संपूर्ण आनंद ले सकें।

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