सेवा तीर्थ बनेगा नया प्रधानमंत्री कार्यालय, PM मोदी आज करेंगे उद्घाटन

✍️By: Nation Now Samachar Desk
सेवा तीर्थ बनेगा नया प्रधानमंत्री कार्यालय, PM मोदी आज करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजधानी दिल्ली में बने नए प्रशासनिक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का उद्घाटन करेंगे। यह परिसर दारा शिकोह रोड पर लगभग 2.26 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में विकसित किया गया है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1,189 करोड़ है।शाम करीब 6 बजे प्रधानमंत्री सेवा तीर्थ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इससे पहले दोपहर लगभग 1:30 बजे वे इस नए बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स का औपचारिक नामकरण भी करेंगे।

सेवा तीर्थ में क्या है खास?

सेवा तीर्थ परिसर को एक ‘स्मार्ट ऑफिस’ के रूप में तैयार किया गया है, जहां हाई-स्पीड इंटरनेट, पेपरलेस वर्क सिस्टम, डिजिटल आर्काइव्स और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।इस परिसर में तीन मुख्य इमारतें हैं सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का मुख्यालय,सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय,सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय पहले ये सभी कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे। अब इन्हें एक ही परिसर में लाकर प्रशासनिक कार्यों को अधिक कुशल और समन्वित बनाया जाएगा।

ग्रीन और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर

  • 4-स्टार GRIHA (Green Rating for Integrated Habitat Assessment) मानकों के अनुरूप डिजाइन
  • अत्याधुनिक ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली
  • जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन समाधान
  • स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम और एडवांस मॉनिटरिंग नेटवर्क

कर्तव्य भवन-1 और 2

कर्तव्य भवन परिसरों में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित होंगे। यहां डिजिटल रूप से एकीकृत ऑफिस स्पेस और संरचित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र बनाए गए हैं।

साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का बदलेगा स्वरूप

सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने के बाद नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को सार्वजनिक उपयोग के लिए संग्रहालयों में बदला जाएगा। नॉर्थ ब्लॉक में ‘युगे युगीन संग्रहालय’ का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।13 फरवरी को साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आखिरी कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जो ऐतिहासिक महत्व रखती है।

प्रशासनिक बदलाव का नया अध्याय

सरकार का दावा है कि सेवा तीर्थ परिसर भारत के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव लाएगा और एक मॉडर्न, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस सिस्टम को मजबूत करेगा।

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