114 Rafale : भारत सरकार ने रक्षा शक्ति को मजबूत करने के लिए मंजूर किया 114 राफेल और 6 P-8I विमान खरीदने का प्रस्ताव

✍️By: Nation Now Samachar Desk
भारत सरकार ने रक्षा शक्ति को मजबूत करने के लिए मंजूर किया 114 राफेल और 6 P-8I विमान खरीदने का प्रस्ताव

114 Rafale : नई दिल्ली: सरकार ने अपनी रक्षा शक्ति को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने कुल 114 राफेल फाइटर जेट और 6 P-8I समुद्री विमान की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव लगभग ₹3.25 लाख करोड़ की कुल लागत का है और भारतीय वायुसेना एवं नौसेना की क्षमता में भारी वृद्धि करेगा।

114 राफेल जेट: वायुसेना की ताकत में भारी वृद्धि

भारतीय वायुसेना में पहले से ही Dassault Rafale विमानों का संचालन जारी है और उनके प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।ये अत्याधुनिक मल्टी-रोल फाइटर जेट कई रणनीतिक क्षमताओं से लैस हैं, जिनमें शामिल हैं:उन्नत रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली लंबी दूरी की मारक क्षमता बहुआयामी मिशन निष्पादन क्षमताइन 114 अतिरिक्त विमानों की खरीद से भारतीय वायुसेना के वायु श्रेष्ठता मिशनों में जबरदस्त मजबूती आएगी और यह हवाई सीमा सुरक्षा को और अधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सक्षम बनाएगा।


6 P-8I समुद्री विमान: समुद्री निगरानी और सुरक्षा में सुधार

सरकार ने 6 अतिरिक्त P-8I समुद्री विमान की खरीद को भी मंजूरी दी है।ये विमान विशेष रूप से समुद्री निगरानी और टोही ऑपरेशंस सबमरीन शिकार मिशन समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।भारतीय नौसेना की मौजूदा समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को इन विमानों से एक नई ऊँचाई मिलेगी और समुद्री रणनीतिक लाभ और भी सुदृढ़ होंगे।

आत्मनिर्भर रक्षा नीति की दिशा में बड़ा कदम

इस खरीद निर्णय से भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (Aatmanirbhar Bharat) की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति होती है।सरकार की यह नीति न केवल विदेशी तकनीक और रणनीतिक सहयोग का सदुपयोग करेगी, बल्कि देश की स्वतंत्र सुरक्षा क्षमता को भी मजबूत करेगी।इसके मुख्य लाभ रक्षा उत्पादन में रणनीतिक संतुलन वैश्विक रक्षा क्षमताओं के साथ तालमेल आधुनिक तकनीक का भारतीय सैन्य ढांचे में बेहतर समावेश

भारत की सुरक्षा स्थिति में नई मजबूती

DAC द्वारा लिए गए इस निर्णय से भारतीय सेना की सैन्य क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। राफेल जेट वायु श्रेष्ठता सुनिश्चित करेंगे जबकि P-8I विमान समुद्री सुरक्षा को पूरी तरह सुदृढ़ करेंगे।रक्षा मंत्रालय आने वाले समय में और सुधारों पर विचार कर रहा है ताकि भारत की सुरक्षा स्थिति को और बेहतर बनाया जा सके। ये कदम भारत को एक मजबूत तथा आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे, जो विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सक्षम होगा।

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