हरियाली अमावस्या कब है? इस बार सूर्य ग्रहण का साया, जानें तारीख, सूतक काल और पूजा के नियम

✍️NNS Desk
हरियाली अमावस्या कब है? इस बार सूर्य ग्रहण का साया, जानें तारीख, सूतक काल और पूजा के नियम

हरियाली अमावस्‍या बेहद खास है. प्रकृति की रक्षा के इस पर्व के दिन भगवान शिव की पूजा करने और पितरों का तर्पण करने का विधान है. लेकिन इस साल इसी अमावस्‍या पर सूर्य ग्रहण लग रहा है. सनातन धर्म में ग्रहण काल और उसके सूतक में पूजा-पाठ, शुभ कार्य वर्जित होते हैं. लिहाजा लोग उलझन में हैं कि ग्रहण कब लगेगा, सूतक काल कब से कब तक होगा और पूजा-पाठ, स्‍नान-दान कब कैसे किया जाए? आइए जानते हैं 12 अगस्‍त 2026 को पड़ रही अमावस्‍या और सूर्य ग्रहण से जुड़े सारे सवालों के जवाब.

साल 2026 में श्रावण मास की अमावस्‍या तिथि द्रिक पंचांग के अनुसार 11 व 12 अगस्‍त की देर रात 01:52 बजे से प्रारंभ होगी और 12 अगस्‍त की रात 11:06 बजे तक रहेगी. लिहाजा 12 अगस्‍त को हरियाली अमावस्‍या है.हरियाली अमावस्‍या इस साल इसलिए भी विशेष है क्‍योंकि इसी दिन 12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण भी लग रहा है.

भारतीय समय के अनुसार, 12 अगस्‍त 2026 का सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और अगले दिन सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर समाप्‍त होगा. करीब 7 घंटे के इस ग्रहण का पीक रात 11 बजकर 17 मिनट पर होगा.

भारत में ग्रहण नहीं दिखेगा: भारत में साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा. लिहाजा इसका सूतक काल भी नहीं माना जाएगा. वरना हिंदू धर्म-शास्‍त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले लग जाता है और ग्रहण खत्‍म होने के साथ ही समाप्‍त होता है.

हरियाली अमावस्या के अनुष्‍ठानों पर क्‍या असर? चूंकि सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा और सूतक काल भी नहीं माना जाएगा, लिहाजा हरियाली अमावस्‍या के दिन स्‍नान-दान, पितृ तर्पण, पौधारोपण और शिव पूजा जैसे तमाम अनुष्‍ठानों पर कोई असर नहीं होगा. बिना रुकावट के ये सारे कार्य किए जा सकेंगे.

सूर्य ग्रहण और अमावस्या साथ होने पर क्या करें? सूर्य ग्रहण और अमावस्‍या दोनों एक साथ पड़ें तो इस दिन का महत्‍व बढ़ जाता है. लिहाजा अपनी सामर्थ्‍य अनुसार जरूरतमंदों को दान करें. जितना ज्‍यादा संभव हो सके मंत्र जाप करें, भगवान का ध्‍यान करें.

वहीं गलती से भी तामसिक चीजों का सेवन न करें, किसी का अपमान न करें, मन में नकारात्‍मक विचार न लाएं. कोई भी अनैतिक कार्य न करें. हरियाली अमावस्‍या के दिन किसी भी पौधे को नुकसान पहुंचाने की भारी भूल न करें.

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