जौनपुर में बैंक मैनेजर ने चलती कार में गोली मारी, मौत; बुलेट पीठ चीरते हुए सीट में जा घुसी

UP के जौनपुर में यूनियन बैंक के मैनेजर ने गुरुवार देर रात सुसाइड कर लिया. उन्होंने चलती कार में दिल के पास तमंचा सटाया और गोली मार ली. बुलेट पीठ को चीरते हुए सीट में जा धंसी. गोली लगने के बाद टाटा सिएरा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई.
ASP आतिश कुमार सिंह ने बताया- “घटना की सूचना के बाद पुलिस पहुंची. मैनेजर को जिला अस्पताल भिजवाया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. फॉरेंसिक टीम ने कार की जांच करके सबूत जुटाए हैं. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है.”
राहगीर-आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. कार का शीशा तोड़कर मैनेजर को बाहर निकाला. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. पुलिस को कार से सुसाइड नोट मिला है. घटना जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर बक्शा थाना क्षेत्र के प्रभु ढाबा के पास हुई.
40 साल के दुर्गेश श्रीवास्तव मूल रूप से लखनऊ के गुडंबा के रहने वाले थे. जौनपुर शहर के वन विहार इलाके में पत्नी रचना के साथ रहते थे. उनकी तैनाती शहर से 30 किमी दूर सुजानगंज थाना क्षेत्र की सराय पड़री ब्रांच में थी. पत्नी रचना ने बताया- वह डिप्रेशन में थे. परिवार में किसी तरह का कोई विवाद नहीं था. न ही कभी कोई झगड़ा हुआ था.

इसी कार में बैंक मैनेजर ने खुद को गोली मार ली. पत्नी बोली- शुगर और लिवर सिरोसिस की बीमारी थी.
शुगर और लिवर सिरोसिस की बीमारी थी: पत्नी रचना श्रीवास्तव ने बताया कि दुर्गेश को शुगर और लिवर सिरोसिस की बीमारी थी. वह काफी दिनों से डिप्रेशन में थे, लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी परेशानी परिवार से साझा नहीं की. रोज की तरह गुरुवार सुबह 9 बजे अपनी कार से बैंक रवाना हुए थे. लंच के वक्त मैंने फोन किया तो सब कुछ ठीक लग रहा था.
उन्होंने बताया- वह रोज शाम 6.30 बजे तक घर आ जाते थे. देर होने पर फोन करते थे। लेकिन, गुरुवार को कोई फोन नहीं आया तो मैंने फोन किया. तब उन्होंने कहा- मैं डिप्रेशन में हूं. अगर तुम्हें बताऊंगा तो तुम भी परेशान हो जाओगी. मैंने कहा- आप जल्दी घर आ जाओ. परेशान मत हो. हम बैठकर बात करेंगे.
इस पर दुर्गेश ने धीमी आवाज में कहा- ठीक है और फोन काट दिया. मैं उनका इंतजार करती रही. रात 11 बजे तक उनके दोस्तों को फोन करती रही लेकिन, किसी को कोई जानकारी नहीं थी. फिर देर रात पुलिस का फोन आया और उन्होंने दुर्गेश की मौत की खबर दी. मैं अपने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंची.

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने बैंक मैनेजर को मृत घोषित कर दिया.
‘हम लोगों को लगा कि एक्सीडेंट हुआ है’: ढाबे पर काम करने वाले लोगों ने बताया- हम लोग काम कर रहे थे, तभी एक कार हाईवे के डिवाइडर से टकरा गई. हमें लगा एक्सीडेंट हुआ है. दौड़कर मौके पर पहुंचे और शीशा तोड़ा तो कार में बैठा शख्स खून से लथपथ पड़ा हुआ था. उसे गोली लगी हुई थी. शव के बगल में तमंचा पड़ा हुआ था. इसके बाद हम लोगों ने पुलिस बुलाई.
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