कानपुर में नहीं थम रहा सड़क धंसने का सिलसिला, अब जाजमऊ छबीलेपुरवा में हुआ गड्ढा

कानपुर के जाजमऊ स्थित छबीलेपुरवा सबस्टेशन तिराहे के पास व्यस्त हाईवे किनारे रविवार सुबह करीब 11 बजे अचानक जमीन धंस गई. इससे लगभग 4 फीट चौड़ा और 6 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दोपहर 1 बजे गड्ढे को भरवा दिया..
स्थानीय लोगों के अनुसार, तीन दिन पहले इसी स्थान पर जमीन हल्की धंसी थी. लगातार मिट्टी खिसकने और बारिश के पानी के कारण गड्ढे का आकार तेजी से बढ़ता चला गया. यह गड्ढा हाईवे के बिल्कुल किनारे बना था. घटनास्थल के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था.
हाईवे पर वाहनों की तेज रफ्तार को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने चिंता जताई कि दिन में तो वाहन चालक इसे देखकर बच रहे थे, लेकिन रात में या अचानक इसकी चपेट में आने से दोपहिया वाहन सवार गंभीर हादसे का शिकार हो सकते थे।.
सर्वेश और राजेश नामक स्थानीय निवासियों ने बताया कि शुरुआत में गड्ढा छोटा था, लेकिन मिट्टी खिसकने और बारिश के पानी से इसका दायरा बढ़ता गया. गड्ढा बढ़ने के बाद आसपास के लोगों ने संबंधित विभाग को सूचित किया. NHAI की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत गड्ढे को भर दिया, जिससे फिलहाल लोगों को राहत मिली है.
अधिकारियों ने बताया कि बारिश के दौरान चेंबर में हवा जैसी स्थिति बनने या हल्का चोक होने के कारण आसपास की मिट्टी प्रभावित हो जाती है. इसी वजह से कई बार सड़क किनारे अचानक छोटे-बड़े गड्ढे बनने की घटनाएं सामने आती हैं.
लोगों ने मांग की है कि केवल गड्ढा भर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे की तकनीकी वजह की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने बारिश के दौरान ऐसे संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी और खतरे के संकेत मिलने पर तत्काल बैरिकेडिंग व चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की है.
उत्तर प्रदेश से और खबरें

कानपुर में गड्ढे में बैठकर मार्बल व्यापारियों ने प्रदर्शन किया:बोले- MP-MLA, महापौर सब भाजपा के, फिर भी…
30 अगस्त 2026
झांसी में पति-पत्नी की अर्द्धनग्न लाश कमरे में मिली, शवों पर कीड़े रेंग रहे थे; बेटा बोला-मर्डर हुआ
30 अगस्त 2026
प्रयागराज में गंगा ने लेटे हनुमान को कराया स्नान; गर्भगृह में घुसा पानी; लगे भक्तों के जयकारे
30 अगस्त 2026