कानपुर में गड्ढे में बैठकर मार्बल व्यापारियों ने प्रदर्शन किया:बोले- MP-MLA, महापौर सब भाजपा के, फिर भी…

कानपुर के किदवई नगर में टूटी सड़कों से त्रस्त व्यापारियों ने रविवार को गड्ढे में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा और किदवई नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक शुक्ला की अगुवाई हुआ.
उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द सड़क बनवाने की मांग की. व्यापारियों ने कहा कि किदवई नगर में पार्षद से लेकर सांसद, विधायक और महापौर तक भाजपा के हैं. केंद्र और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है.
इसके बावजूद शहर की सड़कें बदहाल हैं. व्यापारियों ने कहा कि सीएम ग्रिड तक की रोड बनाने में लापरवाही हो रही. सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है.
दो साल से सड़क खुदी, 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित: युवा व्यापारी नेता विनायक पोद्दार ने कहा कि जब सभी जनप्रतिनिधि भाजपा के हैं तो अपने ही क्षेत्र की ऐसी हालत होना दुर्भाग्यपूर्ण है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं और कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट भी बंद रहती हैं. इससे आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है.
व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा ने कहा कि करीब दो साल से सीएम ग्रिड रोड के निर्माण के नाम पर किदवई नगर मार्बल मार्केट की सड़क खोदकर छोड़ दी गई है. यह यूपी की सबसे बड़ी मार्बल मार्केट में शामिल है.
यहां 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो व्यापारी एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे.

अपनी बात रखते हुए व्यापारी नेता विनायक पोद्दार.
खुदी सड़क पर रोजाना हो रहे हादसे: व्यापारियों ने बताया कि,किदवई नगर मार्बल मार्केट में एक तरफ की सड़क को पूरी तरह खोद डाला गया है. बारिश होते ही इसमें बदबूदार पानी भर जाता है। सड़क पर गिट्टियां और बजरी बिखरी पड़ी हैं.
शाम 6 बजे के बाद नई लगी स्ट्रीट लाइटें भी बंद रहती हैं, जिसके चलते अंधेरे में आए दिन दोपहिया वाहन सवार और ग्राहक गिरकर चोटिल हो रहे हैं. खराब रास्ते के डर से ग्राहकों ने मंडी आना बंद कर दिया है, जिससे व्यापारी भुखमरी की कगार पर पहुंच रहे हैं.
सीवर का पानी पीने की पाइपलाइन में घुसा, बच्चे हो रहे बीमार: प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का आरोप है कि सीएम ग्रिड योजना के तहत बिना किसी तालमेल के अंधाधुंध खुदाई की गई. इस दौरान भूमिगत सीवर और पेयजल की पाइपलाइनें टूट गईं.
अब सीवर का बदबूदार और दूषित पानी लोगों के घरों में आ रहे पीने के पानी में मिल रहा है. इस दुर्गंधयुक्त पानी का इस्तेमाल करने से आसपास की बस्तियों में बीमारियां फैल रही हैं और छोटे-छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं.
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