कन्नौज यूरिया संकट पर गरजी किसान महापंचायत, खाद उपलब्ध नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

कन्नौज- (नयी तहसील, पूर्वी गेट)। भारतीय किसान यूनियन अवधेश की ओर से प्रदेश अध्यक्ष संतोष पाठक के आवास पर किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें यूरिया खाद की भारी किल्लत का मुद्दा सबसे प्रमुख रूप से छाया रहा। बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने कहा कि रबी फसल की बुवाई के समय खाद की कमी से उनकी खेती प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संतोष पाठक ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि जल्द से जल्द किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संगठन मजबूरन धरना, प्रदर्शन और अनशन जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन विस्तार पर भी हुई चर्चा
किसान महापंचायत का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री बबलू मिश्रा ने किया। इस दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए कई नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संगठन में शामिल हुए पदाधिकारियों के मनोनयन पर सभी ने हर्ष व्यक्त किया और इसे संगठन की बढ़ती ताकत का संकेत बताया।

महापंचायत में किए गए प्रमुख मनोनयन इस प्रकार हैं—
- रणजीत सिंह – जिला अध्यक्ष, एटा
- अभय प्रताप – जिला महासचिव, एटा
- सुरजीत कुमार – जिला सचिव, एटा
- आकाश – जिला प्रभारी, एटा
- अमित कुमार – जिला उपाध्यक्ष, कन्नौज
- पवन कुमार – जिला अध्यक्ष, सीतापुर
- दिलीप कुमार – प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
- हरेंद्र सिंह – जिला सचिव, गौतम बुद्ध नगर
- अनिल कुमार – जिला महासचिव, बुलंदशहर
15 दिन में कमेटी गठन का निर्देश
राष्ट्रीय महामंत्री बबलू मिश्रा ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को 15 दिन के भीतर जिला व ब्लॉक स्तर की कमेटियां गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अवधेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और किसानों की आवाज मजबूती से उठा रहा है।
“किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध संगठन”
बबलू मिश्रा ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अवधेश देश का ऐसा संगठन है, जो किसी भी पदाधिकारी से सदस्यता शुल्क नहीं लेता। संगठन का उद्देश्य केवल किसानों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि संगठन के पदाधिकारी हर स्तर पर अधिकारियों से संवाद कर किसानों की समस्याओं को हल कराने का प्रयास करते हैं।
महापंचायत के अंत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि यूरिया संकट जल्द दूर नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए तैयार हैं।
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