KGMU News: परिसर में मौजूद मजारों को लेकर सख्त रुख, पहली नोटिस के बाद अब दूसरा नोटिस जारी

KGMU News: लखनऊ | किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में मौजूद मजारों को हटाने को लेकर जारी पहली नोटिस की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक मजारें नहीं हटाई गई हैं। ऐसे में KGMU प्रशासन ने सोमवार को दूसरा नोटिस जारी कर दिया है।प्रशासन की ओर से परिसर में बनी कुल 6 मजारों की मजार कमेटियों को दोबारा नोटिस भेजा गया है और 28 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

22 जनवरी को जारी हुई थी पहली नोटिस
KGMU प्रशासन ने22 जनवरी को पहली नोटिस जारी की थी मजारों को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था हालांकि, इस नोटिस का सिर्फ एक मजार कमेटी की ओर से जवाब दिया गया।
1947 से पहले की बताई गई एक मजार
न्यू ऑर्थोपेडिक परिसर में स्थित मजार की कमेटी ने प्रशासन को दिए गए जवाब में दावा किया है कि यह मजार 1947 से पहले की हैइसलिए इसे हटाया जाना उचित नहीं हैबाकी पांच मजार कमेटियों की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया।
इन मजारों से नहीं मिला कोई जवाब
पहली नोटिस के बावजूद जिन मजार कमेटियों ने जवाब नहीं दिया, वे हैं क्वीन मैरी हॉस्पिटल परिसर स्थित मजार माइक्रो बायोलॉजी डिपार्टमेंट की मजार न्यू बॉयज हॉस्टल परिसर की मजार रेस्पिरेटरी मेडिसिन डिपार्टमेंट की मजारशताब्दी फेज-2 अस्पताल परिसर की मजार
जवाब नहीं मिला तो सरकार से की जाएगी सिफारिश
KGMU प्रशासन का कहना है कि यदि 28 फरवरी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला,तो अवैध तरीके से बनी मजारों को हटाने के लिए सरकार से आगे की कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह कार्रवाई संस्थान के नियमों और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
विरोध में उतरे संगठन और राजनीतिक दल
मजारों पर नोटिस चस्पा किए जाने के बाद से कई सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि“किसी भी धार्मिक स्थल पर कार्रवाई से पहले सभी पक्षों से संवाद और सहमति जरूरी है।”वहीं KGMU प्रशासन दोहराता रहा है कि“यह किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि परिसर को अतिक्रमण-मुक्त करने की कार्रवाई है।”