यादव समाज पर विवादित बयान: कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने मांगी माफी

कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। यादव समाज पर दिए गए उनके बयान के बाद मथुरा समेत कई इलाकों में नाराजगी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथावाचक यह कहते नजर आए कि यादव भगवान के वंशज नहीं हैं। इस बयान को लेकर यादव समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया।

विवाद बढ़ने के बाद कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा वीडियो हालिया नहीं है, बल्कि करीब चार साल पुराना है। उनका कहना है कि वीडियो को वर्तमान समय से जोड़कर फैलाया जा रहा है, जिससे समाज में गलतफहमी और तनाव पैदा हो रहा है।
इंद्रेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी समाज, वर्ग या समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उनके किसी कथन से यादव समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद मथुरा में यादव समाज के लोगों में आक्रोश देखने को मिला। कई संगठनों ने बयान की निंदा करते हुए कथावाचक से माफी की मांग की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
धार्मिक और सामाजिक विषयों पर दिए गए बयानों को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में भी लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच से बोलते समय वक्ताओं को शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, ताकि किसी समाज या समुदाय की भावनाएं आहत न हों।
फिलहाल, इंद्रेश उपाध्याय की माफी के बाद मामला शांत होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो वायरल होने से किस तरह नए विवाद खड़े हो जाते हैं। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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