नीले ड्रम वाली मुस्कान-साहिल दोषी करार: 15 दिन बाद सजा का ऐलान, कोर्ट बोला- ‘दोनों ने हत्या करके शव छिपाया’

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को कोर्ट ने आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कहा- मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की थी. इसके बाद शव छिपाया था. 15 दिन बाद कोर्ट सजा का ऐलान करेगी.

इसी नीले ड्रम में सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल ने उसके शव के टुकड़े पैक किए थे.

तस्वीर 19 मार्च, 2025 की है, जब पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया था.

तस्वीर 28 फरवरी, 2025 की है, जब मुस्कान की बेटी पीहू का जन्मदिन था. सौरभ इसमें मुस्कान के साथ डांस करता हुआ दिख रहा है.
फैसले से पहले मुस्कान और साहिल बेचैन थे. मुस्कान पिछले 3 दिनों से जेल में पूजा कर रही थी. साहिल ने साथी कैदियों से बातचीत बंद कर दी थी. साहिल जेल कर्मचारियों से फैसले के बारे में पूछ रहा था.
मामला 3 मार्च 2025 का है. आरोप है कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत का मर्डर कर शव के टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर ऊपर से सीमेंट भरकर सील कर दिया था. करीब 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में केस का ट्रायल शुरू हुआ. पुलिस ने मामले में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस दौरान 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. लंबी सुनवाई और अंतिम बहस के बाद 19 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया.
जिला जज की अदालत में अभियोजन पक्ष के वकील के.के. चौबे ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया है. सजा के संबंध में अदालत ने कहा है कि करीब 15 दिन बाद की तारीख तय की जाएगी. उस दिन सजा के बिंदु पर दोनों आरोपियों को सुना जाएगा और उनसे पूछा जाएगा कि वे सजा को लेकर अपने बारे में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं.
15 दिन बाद अगली सुनवाई होगी: अदालत ने यह भी कहा कि न्यायालय का कर्तव्य है कि अपराधी और समाज के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए सजा तय की जाए. फिलहाल सजा की अगली तारीख तय नहीं हुई है. अदालत की ओर से करीब 15 दिन बाद की तारीख की बात कही गई है, जिसकी औपचारिक घोषणा बाद में की जाएगी. अब अगली सुनवाई में दोनों आरोपियों को सजा के बिंदु पर सुना जाएगा और इसके बाद अदालत सजा मुकर्रर करेगी.

हत्या से कोर्ट में फैसला सुरक्षित होने तक का पूरा घटनाक्रम: सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ अपने घर लौटा था. अगले दिन 25 फरवरी को पत्नी मुस्कान ने उसके लौटने की खुशी में घर पर पार्टी रखी. इसके कुछ दिन बाद 28 फरवरी को परिवार ने बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया. इसके बाद 3 मार्च को मामले ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे घटनाक्रम को हत्या के केस में बदल दिया. टाइमलाइन के मुताबिक, मुस्कान ने डिनर में सौरभ को नींद की दवा मिला दी. इसके बाद साहिल शुक्ला को फोन करके बुलाया गया. आरोप है कि सौरभ की हत्या करने के बाद उसके शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर दिया गया.
4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी पीहू को अपनी मां के घर छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई. इसके बाद 17 मार्च को मुस्कान हिमाचल से वापस लौटी और मायके पहुंचकर अपने पिता-मां को घटना के बारे में बताया. 18 मार्च को पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची. वहां पुलिस को ड्रम में सौरभ की बॉडी मिली. इसके बाद पुलिस ने साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया. 19 मार्च को पुलिस ने साहिल और मुस्कान को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. इसी दौरान सौरभ के शव के चार टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया.
जांच आगे बढ़ी तो सामने आए कई अहम सुराग: 12 मई को पुलिस ने 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में 34 गवाहों का जिक्र किया गया था. पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया गया. 17 जून को मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए. इसके बाद मामले में ट्रायल शुरू हुआ. 4 जुलाई को सौरभ के भाई बबलू की कोर्ट में गवाही हुई. इसके बाद जुलाई से नवंबर के बीच परिवार, पुलिस, डॉक्टर, डांसर और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए.
ड्रम और दूसरे सामान को बनाया गया सबूत: 19 दिसंबर को कोर्ट में नीला ड्रम और ट्रॉली बैग पेश किए गए. इन्हें मामले में महत्वपूर्ण सबूत बताया गया. इसके बाद 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने कोर्ट में कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी रिपोर्ट पेश की. 21 अप्रैल को कोर्ट में मुस्कान और साहिल पर लगे आरोपों को लेकर सुनवाई हुई. दोनों ने अपने ऊपर लगे 32 साल की सजा वाले आरोपों को मानने से इनकार कर दिया.
इसके बाद 22 मई से 17 सितंबर के बीच मामले में अंतिम बहस चली. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. अब इस मामले में 19 सितंबर को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन कोर्ट ने फैसले की तारीख 30 सितंबर तय कर दी. यानी करीब सात महीने तक चली जांच, गवाहियों, सबूतों और अंतिम बहस के बाद अब मामले में फैसला आने का इंतजार है.
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