फ्रांस और बांग्लादेश में जैसी हिंसा हुई, वैसी ही भारत के लिए भी रची गई थी: किरेन रिजिजू

✍️NNS Desk
फ्रांस और बांग्लादेश में जैसी हिंसा हुई, वैसी ही भारत के लिए भी रची गई थी: किरेन रिजिजू

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा दिए गए’रिजीम चेंज’ वाले बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। वर्तमान में फ्रांस की हालत देखने के बाद भाजपा की तरफ से कहा जा रहा है कि देश को बांग्लादेश और फ्रांस की तरह हिंसा में झोंकने की साजिश की जा रही थी. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि भारत विरोधी तत्व राजनेताओं के साथ मिलकर युवाओं को भड़काने और भारत में हिंसा फैलाने की साजिश रच रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से फ्रांस और बांग्लादेश में हिंसा हुई है. ठीक उसी तरह की साजिश भारत के लिए भी रची गई थी.

सोशल मीडिया साइट एक्स पर किए गए एक पोस्ट में फ्रांस और बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट का जिक्र किया. उन्होंने लिखा, “बांग्लादेश में जो हिंसक घटना हुई और फ्रांस में जो दंगे, आगजनी और लूटपाट हुई है। भारत के लिए भी ठीक वैसी ही साजिश रची गई थी.”

बता दें, बांग्लादेश में कथित तौर पर छात्र आंदोलन के नाम पर शुरू हुई हिंसा में दर्जनों लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद भीड़ ने प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर लिया. इसके बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भागना पड़ा था. बाद में प्रदर्शनकारी उनके इनरवियर लहराते हुए देखे गए थे. इसके अलावा शेख मुजीबुर्रहमान की प्रतिमाओं और उनकी निशानियों को भी आग के हवाले कर दिया गया था. वर्तमान में फ्रांस में भी यही हाल देखने को मिल रहा है. छात्र आंदोलन के नाम पर शुरू हुए प्रदर्शनों ने सड़क पर कब्जा कर लिया है. दुकानें और व्यापार लूटे जा रहे हैं. फ्रांस की कई ऐतिहासिक इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया है.

‘भारत न तो बांग्लादेश और न ही फ्रांस’: केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि भारत-विरोधी समूहों और कुछ राजनेताओं ने मिलकर युवाओं को उकसाने और सड़कों पर हिंसा भड़काने की साजिश रची थी. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “भारत-विरोधी गिरोहों और कुछ राजनेताओं ने युवाओं को भड़काने और हमारी सड़कों पर हिंसा फैलाने के लिए मिलीभगत की थी लेकिन इस खतरनाक साजिश को रचने वाले यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस.”

‘भारत में सत्ता परिवर्तन केवल चुनाव के माध्यम से संभव’: केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन करने का केवल एक ही तरीका है. वह है कि चुनावी प्रक्रिया. उन्होंने लिखा, “भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल संभव है। लेकिन केवल चुनाव के जरिए, यह सोरोस (जॉर्ज सोरोस) के जरिए नहीं होगा.”

बता दें, संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री की तरफ से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है. जब देश में सुप्रीम कोर्ट के वकील द्वारा दिए गए रिजीम चेंज वाले बयान पर बवाल मचा हुआ है. रही सही कसर AISA चीफ नेहा बोरा के बांग्लादेश आंदोलन से प्रेरणा लेने वाली बात ने पूरी कर दी. सत्ताधारी भाजपा लगातार विपक्षियों के ऊपर हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन करने की साजिश रचने का आरोप लगा रही है. भाजपा की तरफ से बार-बार कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी सवाल पूछा गया है कि क्या वह नेहा बोरा या प्रशांत भूषण के बयानों से संबंध रखते हैं. हालांकि, कांग्रेस की तरफ से बार-बार कहा जा रहा है कि वह रिजीम चेंज चाहते हैं, लेकिन चुनावी प्रक्रिया के जरिए ही.

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को इस मामले पर स्पष्ट किया था कि भारत में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत होने वाले चुनावों के माध्यम से तय होती है. यह जनता के जनादेश से तय होती है। उन्होंने असंवैधानिक तरीके से राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने की किसी भी कोशिश को खारिज कर दिया.

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