गुवाहाटी कार्यक्रम में मोहन भागवत का बड़ा भाषण—हिंदू पहचान पर जोर

✍️By: Nation Now Samachar Desk
RSS प्रमुख का बयान चर्चा में: हिंदू और भारत को बताया पर्यायवाची

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि भारत पर गर्व करने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘हिंदू’ केवल एक धार्मिक शब्द नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ी पहचान है।

भागवत ने कहा कि भारत और हिंदू एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं और हजारों वर्षों की सांस्कृतिक परंपराओं से बनी भारतीय सभ्यता अपने आप में ‘हिंदू राष्ट्र’ की परिभाषा देती है। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए किसी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं, क्योंकि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रकृति पहले से ही इसे साबित करती है।

RSS का उद्देश्य: चरित्र निर्माण और एकता

भागवत ने अपने भाषण में आरएसएस के मूल कार्यक्रम—चरित्र निर्माण, सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण—पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और देश के प्रति गर्व, अनुशासन और सांस्कृतिक जागरूकता ही व्यक्ति को हिंदू पहचान देता है।

भागवत के इस बयान को राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने ‘हिंदू’ शब्द को धार्मिक दायरे से निकालकर एक वृहद सभ्यतागत पहचान के रूप में पेश किया।

Headlines से और खबरें