कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

✍️By: Nation Now Samachar Desk
Major NIA action in Kanpur Dehat: Raids on 15 locations of Kamalkant Verma, bomb disposal squad also present

रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात कानपुर देहात में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम बम निरोधक दस्ता और औरैया पुलिस के साथ जिले में दाखिल हुई। टीम ने कानपुर–झांसी हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह पेट्रोल पंप कमलकांत वर्मा का बताया जा रहा है, जिनके खिलाफ कई गंभीर आरोप और पुराने मामले दर्ज हैं।

सुबह-सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंची NIA की टीम

सुबह करीब 7 बजे NIA की टीम अचानक पेट्रोल पंप पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम निरोधक दस्ते ने पेट्रोल पंप के हर हिस्से की गहन जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और मैनेजर को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद NIA टीम पेट्रोल पंप मैनेजर को अपने साथ ले गई।

औरैया व कानपुर देहात में 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

सूत्रों के मुताबिक, कमलकांत वर्मा के औरैया तथा कानपुर देहात में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है। औरैया के स्थानीय प्रतिष्ठानों पर भी NIA की टीमें सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कमलकांत वर्मा पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में जेल भी जा चुका है।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के तहत की जा रही है। NIA को संदेह है कि कुछ नए इनपुट मिलने के बाद कमलकांत वर्मा की गतिविधियों पर शिकंजा कसना जरूरी हो गया था।

हथियार तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला होने की आशंका

बम निरोधक दस्ता की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। छापेमारी के दौरान टीम ने पेट्रोल पंप के एक-एक कोने की तलाशी ली, CCTV फुटेज की जांच की और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले।

कमलकांत वर्मा का इतिहास भी NIA की रडार को और मजबूत करता है। वह पहले भी पंजाब की जेल में हथियार तस्करी के मामले में सजा काट चुका है। अब दोबारा उसके ठिकानों पर कार्रवाई होने से यह साफ है कि उसके खिलाफ गंभीर सबूत मिले हैं।

फिलहाल जांच जारी

NIA की कार्रवाई देर रात से लगातार जारी है और अभी और ठिकानों पर भी दस्तक दी जा सकती है। टीम की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के आधार पर यह साफ माना जा रहा है कि मामला हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

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