कॉकरोचों ने दी फिर धरने पर बैठने की धमकी, सरकार पर समझौते के उल्लंघन का आरोप

✍️NNS Desk
कॉकरोचों ने दी फिर धरने पर बैठने की धमकी, सरकार पर समझौते के उल्लंघन का आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रोटेस्टर्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने संबंधी पहले हुए समझौते का लगातार उल्लंघन हो रहा है. अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन को दोबारा धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोश रांका ने सोशल मीडिया एक्स पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह को टैग करते हुए यह सख्त संदेश जारी किया है.

आशुतोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम देख रहे हैं कि प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कोई पुलिस एक्शन न लेने के एग्रीमेंट का पूरी तरह से उल्लंघन हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली समेत देश के कई अन्य राज्यों में सैकड़ों लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें विभिन्न तरीकों से परेशान किया जा रहा है.

इस दौरान उन्होंने दिल्ली की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है. सीजेपी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायता उपलब्ध कराने वाले स्वयंसेवकों को हिरासत में लेने की कई रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. ये स्वयंसेवक केवल सहायता कार्य में लगे थे, फिर भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. आशुतोष ने इसे समझौते का सीधा उल्लंघन बताया है.

सोशल मीडिया के माध्यस से सीजेपी ने अपनी मांगों को साफ-साफ रखा, जो इस प्रकार हैं…

➤प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं,

➤बिहार, बंगाल और अन्य जगहों पर गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए;

➤दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों तथा भाजपा शासित राज्यों की पुलिस द्वारा भविष्य में कोई नई एफआईआर दर्ज न की जाए. यह शर्त पहले हुए समझौते के अनुरूप होनी चाहिए.

आशुतोष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन मांगों को नहीं माना गया तो हमें फिर से प्रोटेस्ट पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. इस दौरान उन्होंने यह भी मांग की है कि कानूनी मामलों से जुड़े लिखित समझौते को कल तक उनके साथ साझा किया जाए. यह समझौता भारत सरकार की तय समयसीमा के अनुरूप होना चाहिए.

सौरव दास ने क्या कहा था? इससे पहले पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी बयान जारी कर कहा था कि भारत सरकार के आश्वासन के बाद ही सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन वापस लिया था. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जारी रहती है तो यह सरकार के वादे और लाखों युवाओं के विश्वास के साथ विश्वासघात होगा.

उन्होंने आगे कहा कि सीजेपी ने अपना राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन भारत सरकार के इस आश्वासन के बाद वापस लिया है कि किसी भी बीजेपी या एनडीए शासित प्रदेश में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. असम, पश्चिम बंगाल और बिहार से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने, गिरफ्तार करने और उनको निशाना बनाने की खबरें गंभीर चिंता का विषय है. बयान में कहा गया कि हम हर प्रदर्शनकारी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारी टीम इन सभी राज्यों में वकीलों के साथ काम कर रही है ताकि हिरासत में लिये गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित की जा सके और हर मुमकिन कानूनी सहायता दी जा सके। यह हम पहले दिन से कर रहे हैं.

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