आज रात एक्टिव होगा कष्टकारी विष योग! शनि-चंद्रमा युति से सावधान रहें इन 3 राशियों के जातक

✍️NNS Desk
आज रात एक्टिव होगा कष्टकारी विष योग! शनि-चंद्रमा युति से सावधान रहें इन 3 राशियों के जातक

आज रात से ज्योतिषीय दृष्टिकोण से एक अत्यंत संवेदनशील और अशुभ ‘विष योग’ का निर्माण होने जा रहा है. जब ज्योतिष शास्त्र में क्रूर ग्रह शनि और मन के कारक ग्रह चंद्रमा की युति (एक ही भाव में उपस्थिति) होती है या फिर उनका समसप्तक दृष्टि संबंध बनता है, तब इस अत्यंत कष्टकारी योग का निर्माण होता है.

शनि देव जहां न्याय, मंद गति और अनुशासन के प्रतीक हैं, वहीं चंद्रमा मन, भावना और मानसिक स्थिति के स्वामी हैं. शनि का प्रभाव चंद्रमा की शीतलता को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार, मानसिक तनाव, अज्ञात भय और निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति पैदा होती है. 11 सितंबर की रात से बनने वाले इस विष योग के कारण मुख्य रूप से कुंभ राशि सहित 3 राशियों को आने वाले कुछ दिनों तक बेहद सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है.

कर्क राशि-

प्रभाव: चंद्रमा कर्क राशि के स्वामी हैं, इसलिए विष योग का प्रभाव इस राशि के जातकों की मानसिक शांति पर सबसे ज्यादा पड़ता है.

सावधानी: स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें, विशेषकर अनिद्रा (Sleep Issues) या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. परिवार में किसी बात को लेकर गलतफहमी बढ़ सकती है. पैसों के लेन-देन में जल्दबाजी न करें, बड़ा नुकसान हो सकता है.

वृश्चिक राशि-

प्रभाव: चंद्रमा वृश्चिक राशि में नीच के माने जाते हैं, ऐसे में शनि-चंद्र का प्रभाव आपके लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय ला सकता है.

सावधानी: बनते हुए काम अचानक अटक सकते हैं, जिससे धैर्य खोने की संभावना है. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और दफ्तर की राजनीति से खुद को दूर रखें. माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण लगाएं.

कुंभ राशि-

प्रभाव: विष योग का सीधा प्रभाव आपकी ही राशि पर देखने को मिल सकता है.

सावधानी: मानसिक तनाव, चिंता और अज्ञात भय आपको परेशान कर सकता है. किसी भी बड़े फैसले को लेने से बचें या घर के बड़े-बुजुर्गों की सलाह जरूर लें. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ बेवजह की बहस से दूर रहें. वित्तीय मामलों में जोखिम न उठाएं और वाहन सावधानी से चलाएं.

विष योग के अशुभ प्रभावों से बचने के सरल उपाय

➤रोजाना कम से कम 108 बार भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें. शिवजी की आराधना से चंद्रमा और शनि दोनों शांत होते हैं.

➤रोजाना या विशेषकर सोमवार और शनिवार को शिवलिंग पर जल में थोड़ा सा कच्चा दूध और काले तिल मिलाकर अर्पित करें.

➤हनुमान जी की पूजा करने से शनि देव के किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव का नाश होता है.

➤शनिवार की शाम को किसी जरूरतमंद को काले तिल, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें.

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