अफगानिस्तान में तालिबान का नया कानून, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ घरेलू हिंसा कानूनी

काबुल, अफगानिस्तान। अफगानिस्तान में महिलाओं और बच्चों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। तालिबान शासन ने एक ऐसा नया कानून लागू किया है, जो घरेलू हिंसा को कानूनी रूप से मान्यता देता है।

कानून की मुख्य बातें
इस कानून के तहत पति अपनी पत्नी और बच्चों को शारीरिक दंड दे सकता है, जब तक हड्डी न टूटे या खुला घाव न बने। यानी अगर चोट गंभीर नहीं है, तो दंड को कानूनी मान्यता प्राप्त है।रिपोर्ट के अनुसार यह दंड संहिता तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा के हस्ताक्षर से लागू की गई है।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर प्रभाव
विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इससे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा और बढ़ेगी और घरेलू सुरक्षा की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित होगी।तालिबान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों की आलोचना का कारण बन चुका है। इसके अलावा, अफगान महिलाओं की शिक्षा, नौकरी और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर पहले से लगे प्रतिबंध और बढ़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय से और खबरें

Iran-US Ceasefire: तेहरान में सीजफायर के बाद जश्न और असमंजस का मिला-जुला माहौल
8 अप्रैल 2026
India LPG Tanker : मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत के LPG टैंकर होर्मुज से सुरक्षित होकर लौटे
14 मार्च 2026
ईरान में ‘ब्लैक रेन’: युद्ध के बीच तेजाबी बारिश और पर्यावरणीय खतरे की चेतावनी
13 मार्च 2026