बाराबंकी में युवक की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव; SHO बेहोश होकर गिरे

✍️NNS Desk
बाराबंकी में युवक की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव; SHO बेहोश होकर गिरे

बाराबंकी में 21 साल के पॉलिटेक्निक छात्र की मौत के बाद मंगलवार दोपहर 2 बजे बवाल हो गया. परिजन शव को लखनऊ-बहराइच हाईवे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए परिजनों पर दबाव डाला तो भीड़ ने पथराव कर दिया. अचानक हुए हमले में रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के सिर पर पत्थर लगा और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े.

इसके बाद पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। थाना प्रभारी को घसीटकर हाईवे से हटाया और उन्हें अस्पताल भेजा. बवाल की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे. तब फोर्स ने पथराव कर रहे लोगों को खदेड़ा. 2-3 लोगों को हिरासत में लिया।

पुलिसकर्मी शव को अपनी कस्टडी में लेकर अंतिम संस्कार कराने गए हैं. उनके साथ लड़के के परिजन भी मौजूद हैं. हाईवे किनारे और गांव में पुलिस तैनात की गई है. करीब 2 घंटे बाद जाम खुलवाकर वाहन निकलवाए गए.

सुबह 6 बजे फंदे पर लटका मिला शव: रामनगर कोतवाली क्षेत्र के कटियारा गांव निवासी जितेंद्र चौहान (21 साल) पॉलिटेक्निक छात्र था. सोमवार सुबह 6 बजे जितेंद्र का शव घर के एक कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिला. घरवाले आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

शव लेकर हाईवे पर पहुंचे ग्रामीण: मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद जितेंद्र का शव घर वालों को सौंप दिया. जितेंद्र चौहान के परिजनों का आरोप है कि करीब एक साल से गांव की एक युवती से जितेंद्र का अफेयर था. लड़की के घर वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे. पहले भी दोनों परिवारों में झगड़ा हो चुका था.

परिजनों का कहना है कि रात में लड़की के परिवार के लोग आए थे. उन्होंने बेरहमी से पिटाई कर जितेंद्र की हत्या कर दी और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया.

परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की. करीब 500 से ज्यादा लोग लखनऊ-बहराइच नेशनल हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे. हाईवे पर दोनों साइड वाहनों की लाइन लगने लगी। करीब 2 किमी तक जाम लग गया.

थाना प्रभारी ने समझाने की कोशिश की: प्रदर्शन की सूचना पर रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह करीब 25 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे. भीड़ ज्यादा देखते हुए मसौली थाने से भी करीब 10 पुलिसकर्मी पहुंच गए. थाना प्रभारी ने भीड़ को समझाने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि केस दर्ज हो गया है, जल्द ही आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे.

पुलिस के दबाव बनाते ही उग्र हुई भीड़: आश्वासन पर भी भीड़ कुछ सुनने को तैयार नहीं थी. पुलिस ने दबाव बनाकर शव हटाने की कोशिश की. तब तक हाईवे पर जाम करीब 5 किमी तक पहुंच गया था. पुलिस के दबाव बनाने पर भीड़ उग्र हो गई. भीड़ की तरफ से पुलिस पर पथराव कर दिया गया. एक पत्थर थाना प्रभारी के सिर पर लग गया, जिससे वह बेहोश होकर वहीं पर गिर पड़े.

एडिशनल एसपी हेलमेट पहनकर पहुंचे: थाना प्रभारी करीब 5 मिनट बेहोशी की हालत में पड़े रहे. साथी पुलिसकर्मी उन्हें घसीटकर भीड़ से दूर लाए और हॉस्पिटल ले गए. बवाल की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, SDM रामनगर आनंद कुमार तिवारी, CO गरिमा पंत अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जाम खुलवाया.

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