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कैंसर जैसे इलाज में भी राहत: बिना आयुष्मान कार्ड के मिल सकता है मुफ्त इलाज, जानिए यूपी की खास योजना

5 February 2026
कैंसर जैसे इलाज में भी राहत: बिना आयुष्मान कार्ड के मिल सकता है मुफ्त इलाज, जानिए यूपी की खास योजना

कैंसर—एक ऐसा शब्द, जिसे सुनते ही इंसान के मन में डर बैठ जाता है। यह बीमारी न सिर्फ शारीरिक रूप से तोड़ती है, बल्कि इलाज का भारी खर्च परिवार की आर्थिक कमर भी तोड़ देता है। हर साल लाखों लोग इस गंभीर बीमारी से जूझते हैं और कई बार इलाज सिर्फ पैसों की कमी के कारण अधूरा रह जाता है। हाल ही में World Cancer Day के मौके पर सरकार की उन योजनाओं पर एक बार फिर ध्यान गया, जो ऐसे मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बन रही हैं।

आयुष्मान कार्ड न हो, तब भी इलाज संभव

अक्सर यह माना जाता है कि सरकारी इलाज का लाभ सिर्फ उन्हीं को मिलता है, जिनके पास आयुष्मान भारत कार्ड या आयुष्मान वय वंदना कार्ड होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की ‘निर्माण कामगार गंभीर बीमारी सहायता योजना’ इस सोच को पूरी तरह बदल देती है।अगर आप निर्माण कामगार श्रमिक हैं और आपके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तब भी आप इस योजना के तहत कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकते हैं।

क्या है गंभीर बीमारी सहायता योजना

यह योजना उत्तर प्रदेश के पंजीकृत निर्माण कामगारों के लिए चलाई जा रही है। इसका मकसद उन श्रमिक परिवारों को राहत देना है, जो गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं।इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें इलाज खर्च की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है आयुष्मान योजना की तरह इसमें भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है निजी और सरकारी दोनों तरह के अस्पतालों में इलाज संभव है

किन बीमारियों का इलाज होता है

इस योजना के तहत आप उन सभी बीमारियों का इलाज करा सकते हैं, जो आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल हैं। इसके अलावा 13 अन्य गंभीर बीमारियां भी इसमें कवर की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • कैंसर
  • हृदय रोग
  • किडनी फेल्योर
  • लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी
  • न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर
  • ट्रांसप्लांट सर्जरी
  • गंभीर दुर्घटना से जुड़ा इलाज

यानी अगर बीमारी जानलेवा है और इलाज महंगा है, तो यह योजना आपके लिए वरदान साबित हो सकती है।

किसे मिलेगा लाभ

इस योजना का लाभ वही व्यक्ति उठा सकता है जो उत्तर प्रदेश का निवासी हो जो निर्माण एवं भवन निर्माण कर्मकार बोर्ड में पंजीकृत हो जिसके पास वैध श्रमिक पंजीकरण संख्या हो चौंकाने वाली बात यह है कि कई श्रमिक इस योजना के बारे में जानते ही नहीं, जबकि यह उनके लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है

कैसे करें आवेदन

निर्माण कामगार गंभीर बीमारी सहायता योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है। श्रमिक श्रम विभाग की वेबसाइट या संबंधित श्रम कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।इलाज के दौरान आवश्यक मेडिकल दस्तावेज और अस्पताल की रिपोर्ट जमा करनी होती है।

क्यों है यह योजना खास

जहां आयुष्मान योजना में कई बार इलाज की लिमिट बाधा बन जाती है, वहीं यह योजना उस सीमा को तोड़ती है। कैंसर जैसे लंबे और महंगे इलाज में यह सुविधा मरीज और उसके परिवार को मानसिक और आर्थिक राहत देती है।

जागरूकता है सबसे जरूरी

सरकार ने योजना बना दी है, लेकिन असली जरूरत है कि इसकी जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचे। निर्माण कामगारों और उनके परिवारों को यह समझना होगा कि इलाज के लिए कर्ज या जमीन बेचने से पहले सरकारी योजनाओं की जानकारी लेना बेहद जरूरी है।कैंसर जैसी बीमारी से लड़ाई आसान नहीं, लेकिन सही जानकारी और सरकारी सहयोग इस लड़ाई को थोड़ा आसान जरूर बना सकता है।