बहुचर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में नया मोड़, कपूत सुब्रत ही असली गुनहगार, भेजा जेल

✍️NNS Desk
बहुचर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में नया मोड़, कपूत सुब्रत ही असली गुनहगार, भेजा जेल

कानपुर के बहुचर्चित करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) हत्याकांड में नया मोड आ गया. बहू शालू (32) के बाद पुलिस ने बेटे सुब्रत (35) को भी बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने सुब्रत की गिरफ्तारी हत्यारोपी नौकर विशाल के बयान पर की. पुलिस ने गुरुवार सुबह कारोबारी के बेटे सुब्रत का मेडिकल कराया. कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेजा जाएगा.

पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 40 लाख रुपये के कर्ज, सट्टे और कैसीनो की लत में डूबे बेटे सुब्रत मिनोचा ने ही विशाल गौतम और राजकिशोर के साथ षड्यंत्र रचकर शूटरों को सुपारी दी और पिता की हत्या कराई.

पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक विनीत मिनोचा अपने बेटे सुब्रत को हर महीने 40 हजार रुपये जेब खर्च के तौर पर देते थे. इसके बावजूद सुब्रत कैसीनो और सट्टेबाजी की बुरी लत में फंस गया.

पत्रकारों को जानकारी देते हुए कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल.

सीसीटीवी से बेनकाब हुआ मास्टरमाइंड बेटा: उल्लेखनीय है कि पांच सितंबर की देर रात विनीत मिनोचा की अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-104 में धारदार हथियार से डेढ़ दर्जन से अधिक वार कर हत्या की गई थी. वारदात के समय सुब्रत अपनी पत्नी के साथ पार्टी करने का ड्रामा रचकर बाहर गया हुआ था.

दो लोग फ्लैट में घुसते दिखे थे: अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक पूर्व कर्मचारी समेत दो लोग फ्लैट में घुसते दिखे थे. हिरासत में लेकर की गई कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने जब कड़ियों को जोड़ा, तो पूरी साजिश के पीछे छिपे बेटे सुब्रत का चेहरा बेनकाब हो गया.

शूटरों के माध्यम से करा दिया कत्ल: इसके चलते उस पर करीब 40 लाख रुपये का भारी कर्ज चढ़ गया था. पिता द्वारा बार-बार रोके जाने और आर्थिक बंदिशें लगाने से परेशान होकर सुब्रत ने अभियुक्त विशाल गौतम पुत्र तुलसी गौतम) और राजकिशोर पुत्र सूरजभान के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची और शूटरों के माध्यम से अपने ही पिता का कत्ल करा दिया.

सुब्रत और शालू ने कही ये बात: सुब्रत ने पुलिस को बताया कि पिता के महिलाओं से अवैध संबंध थे और वह किसी को भी मां बनाकर करोड़ों की संपत्ति के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकते थे. वहीं, पति को बेकसूर बताते हुए पत्नी शालू ने पुलिस से खुद को जेल भेजने की गुहार लगाई. जांच में यह भी साफ हुआ है कि कत्ल के दिन फ्लैट का ताला डुप्लीकेट नहीं, बल्कि असली चाबी से खोला गया था, जिसे सुब्रत ने ही शूटरों को मुहैया कराया था.

इंस्पेक्टर की घोर लापरवाही, डीसीपी ने लगाई फटकार: उधर, कल्याणपुर पुलिस की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। वारदात के बाद आरोपी सुब्रत कमरे में करीब 15 मिनट तक बिना किसी पुलिस सुरक्षा के अकेला खड़ा रहा और दोनों दरवाजों पर एक भी सिपाही तैनात नहीं किया गया था. इस भारी चूक और ढिलाई पर डीसीपी कासिम आबादी ने इंस्पेक्टर केशव तिवारी की क्लास लगाई.

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