कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: 22 दिन बाद जेल से रिहा होगी बहू शालू, ‘बेटे ने पिता की हत्या कराकर फंसाया’

✍️NNS Desk
कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड: 22 दिन बाद जेल से रिहा होगी बहू शालू, ‘बेटे ने पिता की हत्या कराकर फंसाया’

कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जेल भेजी गई बहू शालू को कोर्ट ने तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि शालू का ससुर की हत्या में कोई हाथ नहीं था. कोर्ट ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहाई का आदेश देते हुए कहा- अदालत या विवेचक के बुलाने पर शालू को हाजिर होना पड़ेगा.

6 सितंबर को जेल भेजी गई विनीत की बहू शालू 22 दिन बाद जेल से रिहा होगी. उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत न पाए जाने के आधार पर विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर उसे न्यायिक हिरासत से रिहा करने की मांग की थी. कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए शालू की रिहाई के आदेश दे दिए हैं.

50 हजार रुपए का व्यक्तिगत बंधपत्र शालू को दाखिल करना होगा. साथ ही इस बात की अंडरटेकिंग भी देनी होगी कि जब भी न्यायालय या विवेचक उसे बुलाएंगे वह हाजिर होगी. शालू के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार बंधपत्र व अंडरटेकिंग न्यायालय में दे दी गई है. रिहाई परवाना भी न्यायालय से जारी हो गया है. जल्द ही शालू की जेल से रिहाई हो जाएगी.

कोर्ट के इस आदेश के बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी होते ही शालू जेल से बाहर आ जाएगी. बहन की रिहाई को लेकर भाई धीरज अरोड़ा ने कहा- जिस पुलिस ने उसे जेल भेजा था, उसी ने विवेचना के बाद शालू को ससुर की हत्या में निर्दोष माना. पुलिस ने शालू को लेकर कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल की है.

धीरज ने बताया कि बहन शालू का बेटा श्रीजय फिलहाल लखनऊ में उनके पास रह रहा है. जेल से रिहा होने के बाद शालू ससुराल के रतन आर्बिट वाले फ्लैट पर न जाकर सीधे लखनऊ यानी मायके आएगी.

पुलिस कारोबारी के बेटे सुब्रत मिनोचा को पिता की हत्या कराने के आरोप में अरेस्ट कर चुकी है.

5 सितंबर को दवा कारोबारी की हत्या हुई थी: इंदिरा नगर में रतन ऑर्बिट के फ्लैट C-104 निवासी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर को हत्या हुई थी. दवा कारोबारी को 17 चाकू मारे गए थे। 24 सिंतबर को पुलिस ने बेटे सुब्रत को पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था. सुब्रत ने मीडिया के सामने कहा था- पिता अय्याश किस्म के थे. उनके कई महिलाओं से संबंध थे, इसी वजह से मां पुनीता उनके साथ नहीं रहती थीं.

सुब्रत के मुताबिक, उसे डर था कि कोई महिला उसके घर आकर ये दावा न कर दे कि वह विनीत के बच्चे की मां बनने वाली है. इसलिए उसने खुद अपने पुराने नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर के जरिए पिता विनीत मिनोचा की हत्या कराई थी.

सुब्रत ने विशाल को बोला था कि अगर पकड़ जाना तो शालू का नाम लेना. विशाल के पहले दिन के बयान, दोनों के बीच वॉट्सऐप चैट, वाइस कॉल की डिटेल, सिक्योरिटी गार्ड मदन सिंह के बयान, जिसमें उसने बताया कि शालू ने विशाल का नाम शुभम और उसकी एंट्री रजिस्टर में न करने को बताया था.

बहू शालू और मृतक ससुर विनीत मिनोचा.

कारोबारी की हत्या की शुरुआती जांच में पुलिस ने शालू को हत्यारोपी मानते हुए जेल भेजा था लेकिन पुलिस की जांच में शालू निर्दोष साबित हुई थी जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने शालू के पक्ष में क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी. इस पर कोर्ट ने आज सोमवार को सुनवाई की.

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