pilibhit mukhya sevika appointment : राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने 23 मुख्य सेविकाओं को दिए नियुक्ति पत्र
pilibhit mukhya sevika appointment
पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): पीलीभीत जिले में बाल विकास विभाग को एक बड़ी सौगात मिली है। 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद, सीधी भर्ती से चयनित 23 मुख्य सेविकाओं को आखिरकार नियुक्ति पत्र मिल गए हैं। गन्ना विकास एवं चीनी मील के राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने गांधी सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में इन नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।
20 वर्षों के ‘वनवास’ के बाद मिली नियुक्ति पत्र
यह नियुक्ति प्रक्रिया बाल विकास विभाग के लिए एक मील का पत्थर है। पिछले 20 वर्षों से मुख्य सेविका के पद पर कोई सीधी भर्ती नहीं हुई थी, जिसके कारण इस पद पर काम करने की इच्छा रखने वाली कई योग्य महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ा। इस देरी को अक्सर “वनवास” के रूप में संदर्भित किया गया था, और आज, यह ‘वनवास’ समाप्त हो गया है। इन 23 महिलाओं के चयन से बाल विकास विभाग को मजबूती मिलेगी और आंगनवाड़ी केंद्रों के कामकाज में सुधार की उम्मीद है।
सीएम योगी के संबोधन का हुआ सजीव प्रसारण

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सभी नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की योजनाओं और समाज के प्रति सेवा भाव पर जोर दिया। गांधी सभागार में सजीव प्रसारण की व्यवस्था की गई थी ताकि सभी लोग सीधे मुख्यमंत्री के विचारों से जुड़ सकें।
‘नवनियुक्त मुख्य सेविकाएं सरकार की मंशा के अनुरूप करें कार्य’
नियुक्ति पत्र सौंपते हुए राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने सभी नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और उनसे पूरी निष्ठा के साथ काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “मुख्य सेविकाएं सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य करें।” मंत्री ने आगे कहा कि सरकार की मंशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।
जन सेवक के रूप में काम करें और नई तकनीक को अपनाएं
राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने नवनियुक्त सेविकाओं को एक महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने कहा, “आपको सरकार का सेवक बनाया गया है, परंतु अब आपको जन सेवक के रूप में काम करना है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल सरकारी नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार नई तकनीकों का उपयोग कर आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक सशक्त बनाएगी और एक बेहतर व्यवस्था स्थापित करेगी।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने भी इस मौके पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने सभी मुख्य सेविकाओं को उनके कर्तव्य और दायित्वों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने की सलाह दी।
यह नियुक्ति न केवल इन 23 महिलाओं के लिए एक नया अध्याय है, बल्कि यह पीलीभीत जिले में बाल विकास और पोषण कार्यक्रमों को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
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