Pilibhit fraud case: यूपी में करोड़ों के गबन का खुलासा: तीन पत्नियों वाले चपरासी ने रिश्तेदारों के खातों में उड़ाए सरकारी पैसे, 7 गिरफ्तार

✍️By: Nation Now Samachar Desk
Pilibhit fraud case: यूपी में करोड़ों के गबन का खुलासा: तीन पत्नियों वाले चपरासी ने रिश्तेदारों के खातों में उड़ाए सरकारी पैसे, 7 गिरफ्तार

Pilibhit fraud case: उत्तर प्रदेश के Pilibhit से एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय से जुड़े एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगा है।आरोपी की पहचान इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान के रूप में हुई है, जिस पर आरोप है कि उसने सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की।

कैसे हुआ घोटाला?

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर अपने परिवार के सदस्यों और परिचितों के खातों का इस्तेमाल किया। इसमें उसकी दो पत्नियां, साली, सास, सलहज और कुछ महिला मित्रों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।पुलिस के अनुसार, कुल मिलाकर करीब 8 करोड़ 15 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए गए।

गिरफ्तारी और जांच

इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। अब तक इस केस में 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें आरोपी की दो पत्नियां, साली, सास, सलहज और दो महिला मित्र शामिल हैं।पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।Pilibhit पुलिस ने बताया कि अभी तक 5 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की रकम फ्रीज कर दी गई है, जबकि बाकी पैसों का पता लगाया जा रहा है।

सरकारी सिस्टम पर सवाल

यह मामला सामने आने के बाद DIOS कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इतने बड़े वित्तीय लेन-देन को कैसे अंजाम दे सका।विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस सिस्टम में मौजूद कमजोरियों को उजागर करता है, जहां निगरानी और ऑडिटिंग की प्रक्रिया और मजबूत होने की जरूरत है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस घोटाले में और लोग शामिल हैं या यह सिर्फ आरोपी और उसके परिचितों तक सीमित था।आरोपी से जुड़े डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

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