शाहजहांपुर में 2 साधुओं की मंदिर में हत्या कर लाशें फूंक दी गयीं, घटना से क्षेत्र में तनाव

✍️NNS Desk
शाहजहांपुर में 2 साधुओं की मंदिर में हत्या कर लाशें फूंक दी गयीं, घटना से क्षेत्र में तनाव

UP के शाहजहांपुर में शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई. इसके बाद मंदिर में ही लकड़ी की चिता बनाकर शवों को जला दिया गया.. गुरुवार सुबह 7 बजे गांव वाले मंदिर से धुआं उठता देखकर पहुंचे. एक साधु का शव जल रहा था, जबकि दूसरे का शव जलकर कंकाल बन चुका था.

दोनों शव एक-दूसरे से 10 मीटर दूर पड़े थे. वारदात जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर खुदागंज की है. साधुओं की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है. दोनों खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर में रहते थे.

घटना की जानकारी होते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में पहुंच गए. सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ अफसर मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की. पुलिस ने जले शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.

आरोपी को हिरासत में लिया, पूछताछ की जा रही: मंदिर के संरक्षक शिव कुमार सिंह ने मामले में तहरीर दी है. एसपी ग्रामीण दीक्षा भवरे ने बताया- पीआरवी को सूचना मिली थी कि दो साधुओं को जला दिया गया. खुदागंज पुलिस ने मौके पर देखा तो शव बुरी तरह जले पाए गए. आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.  

गांव के ही एक व्यक्ति पर शक:  एसपी के मुताबिक,  प्रथम दृष्टया देवस्थान की जमीन पर कब्जे की नीयत से वारदात किए जाने की आशंका है. गांव के रहने वाले सुमित सिंह पर शक है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है। ग्रामीणों से पता चला है कि वह कुछ समय पहले ही जेल से छूटा है और दोनों सेवादारों पर मंदिर को छोड़ने का दबाव बना रहा था. पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है.

एक महीने पहले ही जेल से छूटा है सुमित: ग्रामीणों के मुताबिक, गांव का सुमित एक महीने पहले जेल से छूटकर आया था. वो साधुओं को मंदिर से भगाना चाहता था, ताकि वह मंदिर के आसपास की जमीन पर कब्जा कर सके. दोनों साधु इसका विरोध कर रहे थे. सुमित शुरू से अपराधी प्रवृत्ति का था. कुछ समय पहले ही उसने गांव के एक व्यक्ति की कार जला दी थी. परिवार ने ये कहकर जमानत करवाई थी कि अब वह ऐसी हरकते नहीं करेगा.

मिली जानकारी के अनुसार गांव के लोगों ने बताया- अजीजगंज मोहल्ले के रहने वाले साधु गोपाल दास (70) कथावाचक थे. वह करीब 20 साल से मंदिर में रह रहे थे जबकि बिहारी दास (60) हमारे ही गांव के रहने वाले थे. पहले बिहारी दास सूथा गांव के ही ठाकुर जी मंदिर में रहते थे. एक महीने पहले वह गोपाल दास के शिष्य बने थे. इसके बाद दोनों शिव मंदिर में रहने लगे थे.

हत्याकांड में बाबा बिहारी दास के भतीजे प्रदीप सिंह ने कहा- गांव के रहने वाले युवक सुमित ने इस घटना को अंजाम दिया. उसने पहले भी कई बार इन पर हमला किया था. वहीं, मंदिर में साफ-सफाई करने वाले द्रगपाल ने बताया- सुबह 7 बजे मंदिर पहुंचा तो शव जलते हुए मिले. रात में मेरी उनसे मुलाकात नहीं हुई थी. बुधवार दोपहर 3 बजे मैं दोनों साधुओं से आखिरी बार मिला था. इसके बाद मैं अपने घर चला आया था.

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