कौशांबी में 11 मौतों का जिम्मेदार मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार, भागने की फ़िराक में था

✍️NNS Desk
कौशांबी में 11 मौतों का जिम्मेदार मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार, भागने की फ़िराक में था

पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में कौशाम्बी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया. बताया जा रहा है कि यह भागने की फिराक में था. गौरतलब है कि कौशाम्बी में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी.

कब्जे से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद: नौशाद अली, ब्लास्ट मामले में आरोपी मोहम्मद आदिल का पिता है और उसे इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं. घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी. अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और विस्फोट से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है.

शिवांक सिह, सीओ चायल ने कहा कि कौशांबी पटाखा फैक्टी के संबंध में चार टीमों का गठन किया गया था. निरंतर दबिश दी जा रही थी. आरोपी को घेरने के लिए पुलिस ने घेराबंदी की. पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की. आत्मरक्षा के लिए पुलिस को जबावी कार्रवाई की गई. उसके पैर में गोली लगी है और अस्पताल ले जाया गया. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है.

छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज: इस मामले में पिपरी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. FIR में नौशाद, शकील, उनके बेटे आदिल, पत्नी शबाना, कहकशा और बेटी शाइना को नामजद किया गया है. पुलिस के मुताबिक, मामले में चार टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं. हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी और उनकी भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है.

दो साल पहले भी हुई थी कार्रवाई: बताया जा रहा है कि नौशाद अपने बेटे आदिल के नाम से ‘आदिल डीजे’ पटाखा फैक्ट्री संचालित कर रहा था. स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि करीब दो साल पहले जिला प्रशासन ने इस फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की थी. इसके बावजूद फैक्ट्री के दोबारा चोरी-छिपे संचालित होने के आरोप सामने आ रहे हैं. हालांकि, जिला प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि फैक्ट्री वैध थी या अवैध. यही वजह है कि अब जांच का एक अहम बिंदु फैक्ट्री के लाइसेंस और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े दस्तावेज भी हैं.

हादसे के बाद प्रशासन ने घनी आबादी में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण के खिलाफ भी बड़ा अभियान शुरू कर दिया. एक तरफ हादसे की जांच चल रही है, तो दूसरी तरफ प्रशासन अब घनी आबादी में छिपाकर रखे गए विस्फोटक भंडारण को लेकर भी सख्त कार्रवाई के मूड में है. हादसे की गंभीरता और विस्फोट की तीव्रता को देखते हुए अब जांच का दायरा और बढ़ गया है. मामले की जांच में ATS भी जुट गई है. ATS और स्थानीय पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर फैक्ट्री में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची. भंडारण के नियमों का पालन हुआ या नहीं? और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

कई पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज: कौशांबी के इस हादसे ने पटाखा कारोबार की आड़ में होने वाले कथित अवैध विस्फोटक भंडारण पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इस मामले में पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी है. मामले में लापरवाही के आरोपों के बीच पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है. इसके अलावा चौकी प्रभारी चायल अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को भी लाइन हाजिर किया गया है. वहीं, बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

तेज धमाके से दहल उठा पूरा इलाका: पिपरी थाना इलाके के महमूदपुर मनौरी कस्बे में सोमवार सुबह करीब 11 बजे पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद ऐसा भीषण धमाका हुआ कि पूरा इलाका दहल उठा. धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देने की बात सामने आई. देखते ही देखते कई मकान मलबे में तब्दील हो गए और आसपास के घरों में भी भारी नुकसान हुआ. हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत अब तक 11 लोगों की मौत हो गई.

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