‘पतिदेव मेरे लिए रोना मत, मुझे मुक्ति मिल गई’, गंभीर बीमारी जूझ रही पत्नी की आखिरी पाती

कानपुर में बुधवार को रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी से जूझ रही महिला ने जहर खाकर जान दे दी. इलाज के दौरान सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई. 26 साल की विवाहिता के कमरे से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला. इसमें उसने असहनीय दर्द, बेबसी और परिवार पर बोझ नहीं बनने की बात लिखी है.
महिला वैष्णवी ने लिखा- मुझे माफ करना. आज मैं ऐसा कदम उठाने जा रही हूं, जिससे आप सभी को बहुत दुख होगा. मुझे भी इस वक्त बहुत दुख हो रहा. बहुत कोशिश की मैंने हर पल हंसने की. किसी को परेशानी न हो कभी मेरी वजह से, इसलिए इस दर्द, जकड़न के बाद भी मैं हंसती रही, लेकिन अब बर्दाश्त नहीं हो रहा.
मैं किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती थी. पतिदेव मुझे माफ कर देना. मुझे मुक्ति मिल गई. वैष्णवी ने अपने माता-पिता, पति और परिवार के अन्य सदस्यों से माफी मांगते हुए लिखा कि अपना खयाल रखना. घटना रावतपुर इलाके के सुरेंद्र नगर की है.

वैष्णवी के पति शिवम शुक्ला ने बताया कि बीमारी के कारण वह बहुत तनाव में चल रही थी.
भोपाल में रेलवे में कार्यरत हैं पति: रावतपुर के सुरेंद्र नगर में रहने वाले शिवम शुक्ला रेलवे ग्रुप-डी के कर्मचारी हैं. वह भोपाल में तैनात हैं। शिवम ने बताया कि तीन साल पहले मेरी कानपुर देहात के असालतगंज की रहने वाली वैष्णवी उर्फ निक्की (26) से शादी हुई थी.
वैष्णवी को शादी से पहले ही रीढ़ की हड्डी में गठिया की बीमारी थी, जिसका इलाज चल रहा था. काफी इलाज के बाद भी कोई फायदा नहीं मिला. परिवार में मां रीता और पत्नी वैष्णवी रहती थी. वैष्णवी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही थी. हाल में ही उसने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा दी थी.
शिवम ने बताया कि वैष्णवी ने लिखित परीक्षा पास भी कर ली थी. कुछ ही दिनों में उसका मेडिकल भी होना था, लेकिन बीमारी के कारण वह बहुत तनाव में थी. बुधवार सुबह करीब 5 बजे मैं भोपाल से घर पहुंचा, तो वैष्णवी बेसुध पड़ी थी. पास में ही तीन पेज का सुसाइड नोट पड़ा था. पड़ोसियों की मदद से मैं उसे फार्चून अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उसने दम तोड़ दिया.
वैष्णवी के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है. इसमें लिखा है- मुझे माफ करना, आज मैं ऐसा कदम उठाने जा रही हूं, जिससे आप सभी को बहुत दुख होगा. मुझे भी इस वक्त बहुत दुख हो रहा है। क्योंकि मेरा भी, सपना था सुखमय जीवन जीने का. अपनी उम्र के अंतिम पलों को जीने का.
परंतु इस दर्द ने, इस रोग ने मुझसे वो सपना छीन लिया है. अगर मैं आज यह कदम न भी उठांऊ तो भी हम उम्र के आखिरी पड़ाव तक नहीं पहुंच पाएंगे. क्योंकि यह बीमारी ही ऐसी है, कि हम खुशी से नहीं रह पाएंगे। घुट–घुट के ही जिएंगे.
मैंने अपनी परेशानी से हार मान ली है, क्योंकि अब 24 घंटे दर्द होता है और हरपल होता है. न तो ठीक से मन का कुछ खा पाओ. न सही से जी पाओ, हर सांस के साथ दर्द होता है, मेरी पीठ में और ऐसे ही हम बिस्तर पकड़ लेंगे. फिर दो लोग तो सिर्फ हमको उठाने–बिठाने, खिलाने के लिए चाहिए. हम किसी पर बोझ नही बनना चाहते, न हम किसी को परेशान करना चाहते हैं. न खुद परेशान होना चाहते है.
मेरी आंख में आंसू इसलिए कि आप लोगों का क्या हाल होगा: वैष्णवी ने लिखा- बहुत कोशिश की मैंने, हर पल हंसने की. किसी को परेशानी न हो कभी मेरी वजह से, इसलिए इस दर्द, जकड़न के बाद भी मैं हंसती रही. पर दर्द अब इस कदर बढ़ गया है, कि मुझसे बर्दाश्त नहीं हो पा रहा.
इस वक्त मेरी आंख में आंसू बस इसलिए है, कि जब आप लोगों को मेरे जाने की खबर मिलेगी, तो क्या हाल होगा. आप लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया, लेकिन आप लोगों से दूर जा रहे, क्योंकि आज नहीं तो मेरा अंत यही था.
मम्मी–पापा अपना ख्याल रखना, प्लीज मेरी वजह से परेशान मत होना. यह सोचना कि दर्द से छुटकारा पा गए हम. दीदी, जीजा जी प्लीज आप लोग यह खबर सुनकर परेशान न होना क्योंकि आप लोग बहुत दूर हैं और आ भी नहीं पाएंगे. धीरज से काम लेना. हनी का ध्यान रखना LOVE YOU HONEY
पतिदेव- मुझे माफ करना, साथ निभाने का वादा तोड़ रही: मेरे पतिदेव मुझे माफ कर देना। मुझे मुक्ति मिल गई. हमेशा साथ निभाने का वादा तोड़ रही हूं. मैंने आज तक सारी कसमों को निभाया। पर अब मजबूरी में ये करना पड़ रहा। उम्मीद है तुम मेरी तकलीफें समझोगे। फिर से सॉरी, दुखी मत होना. पता नहीं लोग, मेरे इस निर्णय को किस नजर से देखेंगे. पर जो मेरी तकलीफ को जानते हैं, उन्हें मेरा दर्द पता होगा.
मुझे उम्मीद है कि आप सभी मेरी तकलीफ को समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे. अभय की शादी में चढ़ावे के लिए जेवर, अभय को स्कूटी और इसके अलावा जो भी इच्छाएं मैंने लिखी हैं, उन्हें मेरी आखिरी इच्छा समझकर पूरा कर देना. मेरे लिए कोई रोएगा नहीं. यह सोचकर खुश रहना कि मुझे इस असहनीय दर्द से मुक्ति मिल गई.
अब बहुत लिख दिया, पूरे तीन पेज भर गए. आप सभी बहुत अच्छे हैं. आप सबकी लाडली, दुलारी और प्यारी…निक्की.
रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि मृतका के पास से तीन पेज का सुसाइड नोट मिला है. इसमें उसने बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी है. शव को पोस्टमॉर्टम भिजवाया गया है.
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