कानपुर लैंबॉर्गिनी केस: कोर्ट का लग्‍जरी कार रिलीज करने का आदेश, चुकानी होगी 8 करोड़ से ज्‍यादा की रकम

✍️Amisha Sachan
कानपुर लैंबोर्गिनी केस में अपडेट, CJM कोर्ट ने दी कार छोड़ने की मंजूरी

कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी कार एक्सीडेंट मामले में आखिरकार कोर्ट ने वाहन को रिलीज करने का आदेश दे दिया है। हालांकि, पूरे प्रकरण की तरह ही कार की रिहाई की प्रक्रिया भी नाटकीय घटनाक्रम से भरी रही।

करीब दो हफ्ते पहले शहर की वीआईपी रोड पर लैंबॉर्गिनी कार से एक हादसा हुआ था। कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा चला रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया था। हालांकि, मामला जमानती धाराओं में दर्ज होने के कारण अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया था और पुलिस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी भी की थी।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) February 28, 2026

दो अदालतों ने सुनवाई से किया इनकार

शुक्रवार को कार की रिलीज को लेकर सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन एसीजेएम-7 की अदालत ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद केस को अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में भेजा गया, जहां से भी सुनवाई करने से मना कर दिया गया।

आखिरकार प्रशासनिक आदेश के तहत मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सूरज मिश्रा की अदालत में पहुंचा। यहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने लैंबॉर्गिनी कार को नियमानुसार शर्तों के साथ रिलीज करने का आदेश दिया।यह मामला पहले ही गिरफ्तारी, जमानत और पुलिस कार्रवाई पर कोर्ट की टिप्पणी को लेकर चर्चा में रहा है। अब वाहन रिलीज के आदेश के साथ इस बहुचर्चित प्रकरण में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

सीजेएम सूरज मिश्रा की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कार को सशर्त रिलीज करने का आदेश दिया. कोर्ट ने आठ करोड़ 30 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड जमा करने की शर्त रखी है. साथ ही आदेश दिया गया कि कार को न तो बेचा जाएगा, न ट्रांसफर किया जाएगा और न ही उसके रंग-रूप में कोई बदलाव किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर वाहन को जांच एजेंसी या अदालत के समक्ष पेश करना अनिवार्य होगा. शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में बॉन्ड की राशि राज्य सरकार के पक्ष में जब्त की जाएगी. 

कानपुर नगर से और खबरें