हमीरपुर में 300-स्कूली बच्चों ने ‘सड़क के खातिर’ निकाली तिरंगा यात्रा, पुलिस ने खदेड़ा

✍️NNS Desk
हमीरपुर में 300-स्कूली बच्चों ने ‘सड़क के खातिर’ निकाली तिरंगा यात्रा, पुलिस ने खदेड़ा

हमीरपुर में सड़क नहीं बनने पर मंगलवार सुबह 10 बजे छात्र-छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्र-छात्राएं तिरंगा लेकर डीएम से मिलने उनके ऑफिस जा रहे थे. लेकिन, पुलिस ने सभी को कलेक्ट्रेट के गेट पर ही रोक दिया. इस पर बच्चे दौड़कर अंदर जाने लगे, तो पुलिस ने उनको पकड़कर गेट से बाहर कर दिया.

कुछ देर इंतजार करने के बाद बच्चे गांव लौट गए. 300 बच्चों के साथ उनके 100 पेरेंट्स भी विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए. ये सभी चंदूपुर ग्राम पंचायत से आए थे. डीएम ऑफिस से चंदूपुर ग्राम पंचायत की दूरी 6 किलोमीटर है। इसमें नगरपालिका में आने वाली 2 किलोमीटर की सड़क पक्की बनी है. बाकी ग्राम पंचायत में आने वाली 4 किलोमीटर की सड़क कच्ची है.

बच्चों के साथ उनके माता-पिता ने भी डीएम ऑफिस के अंदर घुसने की कोशिश की

बच्चे बोले- हम खराब सड़क की वजह से स्कूल नहीं जा पाते: सड़क नहीं बनने से परेशान बच्चों का कहना है कि हम लोग खराब सड़क की वजह से स्कूल नहीं जा पाते. मिट्‌टी जमा होने से हमारी स्कूल यूनिफॉर्म गंदी हो जाती है. 6 किलोमीटर लंबी यह यात्रा चंदूपुर ग्राम पंचायत से शुरू हुई. इसमें मंगला का डेरा, बच्ची का डेरा और गंगवा का डेरा के रहने वाले बच्चे शामिल हुए.

छात्रा बोली- बारिश में यहां दलदल बन जाता है: छात्रा प्रीति का कहना है- यह सड़क नहीं बन रही है. बस बार-बार मिट्‌टी डलवा दी जाती है. बारिश में यही मिट्‌टी दलदल बन जाती है. इस वजह से हम लोग स्कूल नहीं जा पाते. हम लोग 4-5 बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक सुधार नहीं हुआ है। कई बार बच्चे और गांववाले रास्ते में गिर भी जाते हैं। इसके बाद बच्चों को स्कूल जाने की बजाय घर लौटना पड़ता है.

3 जुलाई को भी किया था प्रदर्शन: तिरंगा लेकर सड़क बनवाने की मांग करने वाले ज्यादातर बच्चे प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्रा हैं। इनके अलावा कुछ छात्राएं गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा हैं, जो रोज मुख्यालय आती-जाती हैं. इन लोगों ने 3 जुलाई को भी सड़क बनवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. तब प्रशासन ने मिट्टी डलवा कर सड़क को चलने लायक कर दिया था। लेकिन, अब यह सड़क फिर से मलबे में तब्दील हो गई है.

पेरेंट्स बोले- कई बार अफसरों से शिकायत की: बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे एक पेरेंट अवधेश कुमार ने बताया कि डेरों तक सड़क बनवाने के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है. बारिश के बाद यह रास्ता मलबे और कीचड़ में तब्दील हो जाता है.

उत्तर प्रदेश से और खबरें