अमेरिका और ईरान में फिर जंग: होर्मुज स्ट्रेट बंद, कच्चे तेल में फिर लग रही आग

✍️NNS Desk
अमेरिका और ईरान में फिर जंग: होर्मुज स्ट्रेट बंद, कच्चे तेल में फिर लग रही आग

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) की जंग एक बार फिर से शुरू होती दिख रही है. खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद ईरान और अमेरिका के बीच में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को देर रात और रविवार सुबह ईरान के कई शहरों में धमाके सुनाई दिए गए हैं. इसके बाद ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स’ (IRGC) ने होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया है. दूसरी तरफ, अमेरिका की तरफ से आरोप लगाया गया है कि ईरान ने साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर हमला किया है, इस हमले के बाद एक क्रू मेंम्बर लापता है. ईरान की तरफ से किए गए इस हमले के बाद सेंटकॉम ने ईरान को मुंहतोड़ जवाब दिया है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से फिर बंद कर दिए जाने से कच्चा तेल 69 डॉलर प्रति बैरल तक गिरने के बाद फिर से 76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है.वैश्विव बाजार 12 जुलाई को, रविवार के चलते बंद है. इससे पहले 11 जुलाई को कच्चे तेल की कीमत में 0.30 डॉलर की तेजी लौटी और बेंट क्रूड ऑयल 76 डॉलर पर पहुंच गया. इसी तरह से WTI आज 71.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है. जिस तरह से ईरान ने होर्मुज को सभी जहाजों के लिए पूरी तरह से बंद करने का आदेश दे दिया है.

ईरान ने गलत रास्ता चुना, अब जवाब देना होगा- पीट हेगसेथ अमेरिकी की तरफ से किए गए नए हमलों को लेकर यूएस आर्मी ने नई जानकारी साझा की है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि IRGC ने साइप्रस के झंडे वासले जहाज M/V GFS गैलेक्सी के ऊपर हमला किया है. यह हमला होर्मुज से निकलने के दौरान हुआ है। इससे जहाज पर सवार एक क्रू मेंम्बर लापता हो गया है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर जारी बयान में कहा गया, “शाम 7:15 पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ इस सप्ताह की तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई शुरू की है. क्योंकि ईरानी सेना ने होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज को निशाना बनाया है.” सेंटकॉम के इस बयान के बाद ईरान के कई शहरों में धमाके की खबरें सुनी गई हैं. ईरानी मीडिया के मुताबिक बुशहर, असालुयेह और जास्कर में धमाके सुनाई दिए हैं.

ईरान ने दी हमले की चेतावनी: अमेरिका पिछले कई दिनों से ईरान पर हमला कर रहा है. इसी बीच ईरान ने भी पलटवार की चेतावनी दी है. IRGC की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि अगर ईरान के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई की कोशिश की जाती है, तो इसका तगड़ा जवाब दिया जाएगा. ईरानी मीडिया के मुताबिक IRGC ने कहा, “यदि दुश्मन स्थिति का फायदा उठाकर ईरान के खिलाफ हमला करने की कोशिश करता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा. पश्चिम एशिया में दुश्मन के तमाम ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा.” साइप्रस वाले जहाज पर हमले को लेकर IRGC ने कहा कि वह जहाज अनाधिकृत रूप से गुजरने की कोशिश कर रहा था. इसलिए उसे रोकने की कोशिश की गई थी. हालांकि कई रिपोर्ट्स के मुताबिक न रुकने के बाद उस पर क्रूज मिसाइल से हमला किया गया.

ट्रंप ने दी थी हजार मिसाइलों वाली धमकी: ईरान और अमेरिका के बीच में यह तनाव ऐसे समय में बढ़ रहा है, जब शुक्रवार को ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने 1000 से ज्यादा मिसाइलें ईरान की तरफ तान कर रखी हैं. अगर ईरान उन्हें मारने की साजिश रचता है, तो वह ईरान पर भयानक बमबारी करेंगे. दरअसल, यह पूरा मामला होर्मुज स्ट्रेट के खुले होने और अन्य मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच पनपे अविश्वास की वजह से हो रहा है. अमेरिका की मांग है कि स्ट्रेट से सभी जहाजों को निकलने दिया जाए और ईरान यह गारंटी दे कि वह किसी भी जहाज को निशाना नहीं बनाएगा. वहीं अपने दशकों पुराने अमेरिकी हमले के डर का सामना कर चुके ईरान के लिए यह स्ट्रेट किसी परमाणु बम से कम नहीं है. IRGC ने खुले तौर पर कहा है कि जब तक मिडिल ईस्ट क्षेत्र से अमेरिकी हस्तक्षेप खत्म नहीं हो जाता, तब तक किसी भी जहाज को होर्मुज से फ्री गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमला: ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई ड्रोन हमले किए हैं. ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के मुताबिक, कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद डिपो और रडार साइट को विस्फोटक ड्रोन से निशाना बनाया गया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

ईरानी सेना ने कहा कि एक और ड्रोन हमले में बहरीन में अमेरिकी संचार प्रणाली और रडार साइट को निशाना बनाया गया. सेना का कहना है कि ये कार्रवाई दक्षिणी ईरान में अमेरिका की लगातार हो रही हवाई स्ट्राइक के जवाब में की गई है. इससे खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है.

ईरान के चार प्रांतों में अमेरिकी हमले: ईरानी सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने कम से कम चार प्रांतों में सैन्य और व्यावसायिक ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं. बुशेहर, जास्क, सिरिक, बंदर अब्बास, कंगान, बंदर-ए-देयर और असालुयेह समेत कई शहरों में धमाकों की खबर है. बुशेहर का हमला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वहां ईरान का एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र मौजूद है. वहीं जास्क में कम से कम 10 धमाकों की सूचना मिली है.

दक्षिण-पूर्वी ईरान के कोनारक और आसपास के इलाकों में भी विस्फोट हुए हैं. जास्क और सिरिक जैसे शहर होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं. लगातार तीसरे दिन अमेरिकी हमलों का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है. वहीं तेहरान ने साफ कहा है कि अगर हमले जारी रहे तो अमेरिका को “और भी करारा जवाब” दिया जाएगा.

गौरतलब है कि युद्ध के पहले सभी जहाजों के लिए फ्री रहे इस समुद्री रास्ते पर ईरान अब टैक्स लगाने की तरफ देख रहा है. हालांकि, वह इसे टैक्स न देकर एक सर्विस फीस के रूप में बता रहा है. इस फीस के बाद होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को ईरान से सुरक्षा गारंटी मिलेगी. चीन में मौजूद ईरानी राजदूत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि तेहरान इस बारे में ओमान के साथ मिलकर बातचीत कर रहा है. जल्दी ही इस पर फैसला लिया जाएगा.

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