Bada Mangal 2025: बड़े मंगल को क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल, रामायण और महाभारत से क्या है संबंध

✍️By: Nation Now Samachar Desk
5th Bada Mangal 2025: बड़े मंगल को क्यों कहते हैं बुढ़वा मंगल, रामायण और महाभारत से क्या है संबंध

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल हिंदू पंचांग में एक विशेष दिन माना जाता है। यह दिन हर साल श्रावण महीने में आता है और इसे मंगल ग्रह (मंगल) के प्रभाव से जोड़ा जाता है। इसे शुभ माना जाता है और लोग इस दिन विशेष पूजा और व्रत करते हैं।

क्यों कहते हैं इसे ‘बुढ़वा मंगल’?

इस दिन को ‘बुढ़वा मंगल’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह महीने के पांचवें मंगल को विशेष महत्व देता है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस दिन का योग और समय अत्यंत शुभ होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।

रामायण और महाभारत से संबंध

पुराणों में बृहस्पति और मंगल ग्रह का उल्लेख कई घटनाओं में मिलता है।

  • रामायण में: भगवान राम के जीवन में मंगल ग्रह की स्थिति और समय का विशेष महत्व बताया गया है।
  • महाभारत में: युद्ध और पात्रों के जीवन में मंगल ग्रह की दशा से निर्णय और सफलता से संबंधित घटनाओं का उल्लेख मिलता है।
    इस कारण से धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बुढ़वा मंगल को खास माना जाता है।

कैसे मनाते हैं बड़ा मंगल?

  • सुबह-सुबह भगवान हनुमान और गणेश की पूजा करना
  • मंदिर जाकर विशेष भजन और आरती में शामिल होना
  • भक्तजन व्रत रखते हैं और दान-पुण्य करते हैं
  • बुढ़वा मंगल पर विशेष आयोजन और मेले भी लगाए जाते हैं

5वां बड़ा मंगल 2025 श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और पुण्य का दिन है। रामायण और महाभारत की कथाओं के अनुसार, मंगल ग्रह की शुभ स्थिति इस दिन को और भी महत्व देती है। इस दिन पूजा, व्रत और भक्ति से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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