उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू, जानिए सभी धामों के कपाट खुलने की तारीख

✍️Amisha Sachan
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू, जानिए सभी धामों के कपाट खुलने की तारीख

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च 2026 से शुरू हो गया है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने इसे सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कर दी हैं। श्रद्धालु सुबह 7 बजे से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in और मोबाइल एप Tourist Care Uttarakhand के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

यात्रा की तारीखें और धामों के कपाट

पर्यटन सचिव Dheeraj Garbyal ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। प्रत्येक धाम के कपाट अलग-अलग तिथियों पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे

  • यमुनोत्री और गंगोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026
  • केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026
  • बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026

ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया

चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है। भारतीय श्रद्धालु अपने आधार कार्ड का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते हैं, जबकि विदेशी श्रद्धालु ई-मेल आईडी के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर पाएंगे।यह व्यवस्था यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या का प्रबंधन करने, सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन विकल्प

जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पाएंगे, उनके लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इसके लिए विशेष पंजीकरण काउंटर स्थापित किए जाएंगे:

  • ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप
  • हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान
  • विकासनगर

श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन

उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने यात्रा में श्रद्धालुओं की मदद के लिए टोल फ्री नंबर 0135-1364 जारी किया है। यह नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेगा और पंजीकरण, यात्रा मार्ग या अन्य आवश्यक जानकारी के लिए कॉल किया जा सकता है।

सुरक्षा और सुविधाएँ

प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों का समन्वय सुनिश्चित किया गया है। यात्रा मार्गों का रखरखाव ,स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता,यातायात और ट्रांजिट व्यवस्थाएं,श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र,इन व्यवस्थाओं के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व

चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन महत्व को भी बढ़ाती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु प्राकृतिक सौंदर्य और पर्वतीय वातावरण का भी आनंद ले सकते हैं।

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