Banke Bihari Temple Railing Contract विवाद: सलीम अहमद को ठेका मिलने पर संत नाराज, CM योगी को लिखा पत्र

वृंदावन: प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में रेलिंग लगाने के ठेके को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि यह ठेका सलीम अहमद नामक व्यक्ति को मिला है, जिस पर संत समाज ने नाराजगी जताई है। इस मामले में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है।

दिनेश फलाहारी महाराज का बड़ा बयान
दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र में लिखा“कृष्ण कन्हैया नाराज हो जाएंगे, मुगलों के वंशजों को यह ठेका क्यों दिया गया?”उन्होंने इस फैसले को सनातन आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
रेलिंग मंदिर बजट से नहीं, बैंकों के खर्चे से लगाई जा रही: ADM
इस विवाद पर मथुरा प्रशासन की ओर से सफाई भी सामने आई है। ADM पंकज वर्मा ने एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा“यह रेलिंग मंदिर के बजट से नहीं लगाई जा रही, बल्कि उन बैंकों द्वारा लगाई जा रही है, जहां मंदिर का पैसा जमा होता है।”उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर ट्रस्ट की राशि का इसमें कोई सीधा उपयोग नहीं किया जा रहा है।
कोटेशन के आधार पर चुनी गई कंपनी
ADM पंकज वर्मा ने आगे बताया बैंक ने कोटेशन प्रक्रिया के आधार पर‘कनिका कंस्ट्रक्शन’ को चुना है इसका संचालन रंजन नामक व्यक्ति कर रहा है फील्ड मैनेजर रुपेश शर्मा हैं उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी और नियमों के तहत हुई है।
संत समाज में बढ़ता असंतोष
हालांकि संतों का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर जैसे पवित्र स्थल से जुड़े कार्यों में ठेकेदार चयन को लेकर विशेष संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। इस मुद्दे पर संत समाज के कई वर्गों में नाराजगी देखी जा रही है।
क्या बढ़ सकता है मामला?
अब यह देखना अहम होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है। मंदिर प्रशासन और बैंकिंग एजेंसियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।