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महोबा : डूब क्षेत्र की अवैध सड़क पर 28 लाख खर्च, फिर भी गड्ढों में तब्दील रास्ता बना परेशानी

3 February 2026
महोबा : डूब क्षेत्र की अवैध सड़क पर 28 लाख खर्च, फिर भी गड्ढों में तब्दील रास्ता बना परेशानी

REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन के निर्देशों को दरकिनार करते हुए डूब क्षेत्र की जमीन पर बनी एक अवैध सड़क की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि जारी कर दी गई और भुगतान भी पूरा कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि मरम्मत के कुछ ही महीनों बाद सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो गई।

रेलवे स्टेशन लिंक रोड पर 28 लाख की मरम्मत, फिर भी बदहाली बरकरार

मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के राठ रोड स्थित टेलीफोन एक्सचेंज के पास झांसी-मिर्जापुर हाईवे से रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली लिंक रोड का है। बताया जा रहा है कि यह सड़क ऐतिहासिक कीरत सागर तालाब के डूब क्षेत्र में आती है। बावजूद इसके, लोक निर्माण विभाग ने करीब 28 लाख रुपये से अधिक की राशि सड़क मरम्मत के लिए स्वीकृत कर ठेकेदार के माध्यम से कार्य करा दिया।लेकिन मानकों के विपरीत कराए गए निर्माण कार्य के चलते सड़क कुछ ही महीनों में फिर से बदहाल हो गई।

डूब क्षेत्र में बनी अवैध सड़क पर सरकारी खर्च!

स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों पहले भूमाफियाओं ने अपने निजी खर्च पर इस अवैध सड़क का निर्माण कराया था। धीरे-धीरे यह सड़क रेलवे स्टेशन और बजरिया क्षेत्र में आने-जाने का मुख्य रास्ता बन गई। इसके बाद विभाग ने इसे जरूरत का साधन मानकर सरकारी धन से मरम्मत करा दी।सड़क के दोनों ओर तालाब का पानी भरा हुआ साफ दिखाई देता है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह इलाका डूब क्षेत्र में आता है।

सभासद ने की शिकायत, अधिकारियों ने लगाई फर्जी रिपोर्ट

वार्ड सभासद मोहम्मद रईस ने बताया कि सड़क की हालत बेहद खराब है और बरसात के मौसम में जलभराव के कारण आएदिन हादसे होते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अधिकारियों ने फर्जी आख्या लगाकर सड़क को सही बता दिया और शिकायत का निस्तारण कर दिया।

PWD अधिकारी कैमरे के सामने चुप

जब लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से इस मामले में बात करने की कोशिश की गई तो वे कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ बचते नजर आए।

राहगीरों की मांग—सड़क की दोबारा हो जांच और कार्रवाई

स्थानीय राहगीरों ने मांग की है कि सड़क निर्माण और मरम्मत में हुए कथित घोटाले की जांच हो तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए।

गड्ढा मुक्त सड़क का दावा महोबा में बेमानी

इस पूरे मामले ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “गड्ढा मुक्त सड़क” अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है या फिर राहगीर इसी बदहाल सड़क से गुजरने को मजबूर रहेंगे।