दिल्ली सत्य निकेतन हादसे में तीन मौत: 11 बचाये गये, PM मोदी, अमित शाह व राहुल ने जताया दुख

दिल्ली का छात्र बहुल इलाका सत्य निकेतन रविवार को बड़े हादसे से दहल गया. यहां छात्रों से भरा एक 5 मंजिला पीजी अचानक भरभराकर गिर पड़ा. हादसे के वक्त कई छात्र इमारत के अंदर ही मौजूद थे. मलबे में दबने से 3 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई. मलबे में फंसे 11 लोगों को राहत और बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गहरा दुख जताया है.
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया है. एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और पुलिस राहत कार्य में जुटी हैं. प्राथमिक जांच में बेसमेंट की अवैध खुदाई की बात सामने आई है, पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. हादसे की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया.
बिल्डिंग में 50 से ज्याद छात्र थे: शुरुआती जांच के अनुसार, जमींदोज हुई यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी और बेहद जर्जर हालत में थी. स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस 5 मंजिला मकान में 20 से 25 छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे. हर कमरे में दो-दो छात्र रहते थे. जब यह हादसा हुआ, उस वक्त बिल्डिंग के अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे. इमारत के गिरते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ धूल का गुबार छा गया. सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे छात्रों को बाहर निकालने का काम शुरू किया.
पीए्म मोदी और राहुल गांधी ने दुख जताया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा ‘दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने की घटना दुखद है, जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे में प्रभावित लोगों की मदद कर रहे.’
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए व्यवस्था को घेरा. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा ‘दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है. कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं.
मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए.
कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं. इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं.
छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था, अब हालात जानलेवा हैं. कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं. हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए.
सत्य निकेतन के इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर दिल्ली में जर्जर और अवैध निर्माणों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 से 2025 के बीच दिल्ली में इमारत ढहने की कुल 1,133 घटनाएं दर्ज की गईं. इन हादसों में अब तक 98 बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है. बावजूद इसके, पुराने और छात्र बहुल इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर पुरानी इमारतों को व्यावसायिक रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.
दिल्ली पुलिस ने क्या बताया? दिल्ली पुलिस ने बताया कि ‘लोकल जांच से पता चला कि यह 40-50 साल पुरानी बिल्डिंग थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी फ्लोर थे, और इसे PG रहने की जगह के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, जब यह हादसा हुआ तो बेसमेंट में रिपेयर का काम चल रहा था, अब तक छह लोगों को बचाकर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.’
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