सातवां बड़ा मंगल आज: जानें पूजा-आरती के शुभ मुहूर्त, ये 5 चीजें जरूर हनुमान जी को चढ़ाएं

सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व माना गया है. इस महीने पड़ने वाले सभी मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ कहा जाता है. आज यानी 16 जून 2026 को ज्येष्ठ महीने का सातवां बड़ा मंगल है. हनुमान भक्तों के लिए यह दिन बेहद पावन है. मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की भक्ति करने से जीवन के सभी दुख, दर्द और संकट दूर हो जाते हैं.
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं. वहीं ज्योतिष में इसे कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत करने वाला और शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या के कष्टों से राहत देने वाला माना गया है.
उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बड़े मंगल के दिन जगह-जगह भव्य भंडारे, छबील (प्याऊ) और सुंदरकांड के पाठ का आयोजन किया जाता है. आइए जानते हैं सातवें बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि.
सातवें बड़े मंगल का शुभ मुहूर्त: ज्येष्ठ मास के इस विशेष मंगलवार पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार, कल पूजा के लिए ये समय सबसे उत्तम रहेंगे.
अमृत काल (सुबह का शुभ समय): सुबह 05:45 बजे से 07:25 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की पूजा): दोपहर 11:50 बजे से 12:45 बजे तक
संध्या आरती का समय: शाम 06:30 बजे से 07:45 बजे तक
बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही भगवान राम की मुलाकात अपने सबसे बड़े भक्त हनुमान जी से हुई थी. एक अन्य मान्यता यह भी है कि इसी महीने के मंगलवार को भीम का घमंड तोड़ने के लिए हनुमान जी ने एक वृद्ध वानर का रूप धारण किया था, इसलिए इसे ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहा जाता है. इस दिन व्रत रखने और हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होता है और ‘मंगल दोष’ से मुक्ति मिलती है.
कैसे करें पूजा?
स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-स्वच्छ कपड़े (संभव हो तो लाल या पीले रंग के) पहनें.
हनुमान जी की स्थापना: घर के मंदिर में या हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली की मूर्ति के सामने घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं.
सिंदूर अर्पण: हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है. इस दिन उन्हें विशेष रूप से नारंगी सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें.
पाठ और मंत्र: आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें.
हनुमान जी को अर्पित करें ये 5 चीजें: धर्म-शास्त्रों के अनुसार बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी को उनकी प्रिय चीजें अर्पित करें. इससे कष्ट दूर होते हैं. जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है.
लाल फूल : हनुमान जी को लाल फूल जैसे-गुड़हल का फूल चढ़ाएं.
चोला चढ़ाएं : हनुमान जी को केसरिया सिंदूर और चमेली का तेल मिलाकर अर्पित करें. सबसे पहले उनके चरणों में यह चोला लगाएं फिर ऊपर लगाएं. आखिर में उनके चरणों से सिंदूर लेकर अपने माथे पर लगाएं.
मीठा पान: बजरंगबली को मीठा पान का बीड़ा अर्पित करना बहुत लाभ देता है. इसके लिए बनारसी पान पर कत्था, गुलकंद, सौंफ और इलायची रखें. गलती से भी चूना या सुपारी न रखें.
बूंदी या बेसन के लड्डू: बजरंगबली का प्रिय भोग है बूंदी, बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू. बड़ा मंगल पर उन्हें यह भोग लगाएं. इसके अलावा गुड़-चने का भोग भी लगा सकते हैं.
चूरमा या मीठी रोटी: आटे, शुद्ध घी और गुड़ से बना चूरमा या मीठी रोटी (रोट) या केले का भोग लगाना भी उत्तम माना जाता है.
इस दिन क्या करें और क्या न करें?
क्या करें: भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं. राहगीरों के लिए ठंडे पानी या शरबत की व्यवस्था करें.
क्या न करें: बड़े मंगल के दिन घर में तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन या मांस-मदिरा) का प्रयोग बिल्कुल न करें. किसी से विवाद या अपशब्द बोलने से बचें.
आरती: पूजा के अंत में कपूर जलाकर हनुमान जी की आरती करें और अपनी मनोकामना कहें.
अध्यात्म से और खबरें

सोमवती अमावस्या आज: इस विधि से करें भोलेनाथ की पूजा, जानें शुभ संयोग और मुहूर्त
15 जून 2026
कल 15 जून से खत्म होगा मलमास , शादी का पहला शुभ मुहूर्त 21 जून को; देखें पूरी सूची
14 जून 2026
सोमवती अमावस्या पर इस बार तीन शुभ संयोग: राशि अनुसार करें शिवलिंग का अभिषेक, 4 राशि वालों को लाभ
13 जून 2026