महादेव का परमप्रिय मास सावन आज से शुरू, इन शुभ मुहूर्तों में करें शिव का जलाभिषेक

आज से सावन का महीना शुरू हो चुका है, जो कि 28 अगस्त तक रहेगा. हिंदू धर्म में सावन का महीना अत्यंत पवित्र, मंगलकारी और शिव उपासना के लिए सर्वोपरि माना गया है. यह पूरा महीना देवों के देव महादेव और माता पार्वती की भक्ति, साधना और आनंद को समर्पित होता है. सावन आते ही चारों ओर हर-हर महादेव. और बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगते हैं. तो आइए जानते हैं कि आज कितने से कितने बजे तक भगवान शिव जलाभिषेक होगा और कौन कौन से मुहूर्त हैं.
आज ये रहेंगे जलाभिषेक के मुहूर्त
पहला ब्रह्म मुहूर्त, जो कि सुबह 4 बजकर 36 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा.
दूसरा है प्रात: संध्या का मुहूर्त, जो कि सुबह 4 बजकर 39 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 41 मिनट तक रहेगा.
तीसरा अभिजीत मुहूर्त है, जो कि दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से लेकर 1 बजकर 12 मिनट तक रहेगा.
चौथा है विजय मुहूर्त, जो शाम 04 बजकर 28 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 29 मिनट तक रहेगा.
पांचवां प्रदोष काल है, जो शाम 5 बजकर 32 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.
पहले दिन शुभ संयोग: सावन के पहले दिन श्रवण नक्षत्र का संयोग, आयुष्मान योग, शश महापुरुष राजयोग, हंस राजयोग और गुरु-आदित्य राजयोग बन रहे है. जिसमें महादेव की पूजा करना बहुत ही विशेष माना जा रहा है.
सावन सोमवार व्रत तिथियां
पहला सावन सोमवार: 03 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
सावन की सरल पूजा विधि: इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. फिर, स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके बाद शिव व्रत का संकल्प लें. फिर, मंदिर या घर के मंदिर में शिवलिंग पर तांबे के लोटे से शुद्ध जल, गंगाजल और कच्चा दूध अर्पित करें. उसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग, आंकड़े के फूल, शमी के पत्ते, सफेद चंदन, अक्षत और शहद चढ़ाएं. उसके बाद धूप-दीप जलाकर शिव चालीसा, रुद्राष्टकम का पाठ करें और ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. अंत में महादेव को फल, मिठाई या पंचामृत का भोग लगाएं और अंत में आरती करें.
सावन में क्या करें और क्या न करें-
क्या करें
➤सावन में रोजाना शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें.
➤खान-पान में पूर्णतः सात्विकता बनाए रखें.
➤जरूरतमंदों और गरीबों को अन्न, वस्त्र तथा जल का दान करें.
➤ऊं नमः शिवाय मंत्र का निरंतर मानसिक जाप करें.
क्या न करें
➤सावन के महीने में मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करें.
➤सावन के दौरान बाल, नाखून या दाढ़ी काटने से बचना चाहिए.
➤सावन में शिव जी का कच्चे दूध से अभिषेक किया जाता है, इसलिए वैज्ञानिक व धार्मिक दोनों कारणों से इस मौसम में सीधे दूध पीने से बचने की सलाह दी जाती है.
➤किसी का अपमान न करें, घर में क्लेश न करें और मन में सात्विक विचार रखें.
सावन मास का महत्व: हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन वर्ष का पांचवां महीना होता है. ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण से यह समय शिव कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम अवसर माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, सावन के महीने में ही देवताओं और असुरों द्वारा समुद्र मंथन किया गया था. मंथन से निकले हलाहल विष की ज्वाला से जब सृष्टि जलने लगी, तब संसार की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया. विष के प्रभाव से महादेव का कंठ नीला पड़ गया और वे ‘नीलकंठ’ कहलाए. विष की तीव्र जलन को शांत करने के लिए सभी देवताओं ने उन पर जल और गंगाजल अर्पित किया. तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है.
अध्यात्म से और खबरें

‘हर हर महादेव से गूंजे’ शिवालय, उमड़े श्रद्धालु; कानपुर के 16 मंदिरों में लगे 1000 पुलिसकर्मी
30 जुलाई 2026
समसप्तक राजयोग के बीच गुरु-आषाढ़ पूर्णिमा आज, इन 4 राशियों का होगा भाग्योदय
29 जुलाई 2026
मंगलवार को कर लें गुड़ का ये अचूक उपाय तो मिल जायेगा तमाम संकटों से छुटकारा
28 जुलाई 2026