समसप्तक राजयोग के बीच गुरु-आषाढ़ पूर्णिमा आज, इन 4 राशियों का होगा भाग्योदय

आज गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व है. सनातन परंपरा में यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव मनाने और महर्षि वेद व्यास जी की जयंती के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है. महर्षि वेद व्यास ने वेदों का विभाजन और अनेक पुराणों की रचना कर ज्ञान के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया, इसी कारण उन्हें आदिगुरु माना जाता है. गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है. इस दिन शिष्य अपने गुरु की विधि-विधान से पूजा करते हैं और अपनी सामर्थ्य अनुसार उन्हें दक्षिणा, वस्त्र, पुष्प आदि अर्पित करते हैं.
आज आषाढ़ पूर्णिमा भी मनाई जा रही है और इस पूर्णिमा को आज बहुत ही विशेष माना जा रहा है. दरअसल, इस शुभ दिन ग्रहों के राजा सूर्य, देवगुरु बृहस्पति और मन के कारक चंद्रमा के बीच महासंयोग यानी समसप्तक योग का निर्माण हो रहा है. पूर्णिमा के दिन सूर्य और गुरु दोनों कर्क राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि चंद्रमा ठीक सामने मकर राशि में मौजूद होंगे. इस स्थिति के कारण एक ही दिन सूर्य-चंद्र और गुरु-चंद्र के बीच शक्तिशाली समसप्तक योग बनेगा. ग्रहों की इस दुर्लभ स्थिति से कुछ खास राशियों की किस्मत चमकने वाली है. आइए जानते हैं कि इस आषाढ़ पूर्णिमा पर बन रहे इन दिव्य योगों से किन-किन राशियों को बंपर लाभ मिलने जा रहा है.
आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि शिष्य इस दिन अपने अवगुणों और अहंकार को गुरु चरणों में समर्पित कर आत्मिक उन्नति का संकल्प लेता है. जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरुजनों का आशीर्वाद पाने के लिए यह दिन बेहद खास और शुभ माना गया है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में आषाढ़ पूर्णिमा तिथि का आरंभ 28 जुलाई की शाम 6 बजकर 18 मिनट से हो चुकी है और इसका समापन 29 जुलाई यानी आज रात 8 बजकर 5 मिनट पर होगा.
स्नान-दान शुभ मुहूर्त
गुरु पूर्णिमा पर आज स्नान और दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक था.
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक.
शुभ चौघड़िया मुहूर्त
अमृत मुहूर्त: सुबह 7 बजकर 30 मिनट से लेकर सुबह 9 बजे तक.
गुरु पूर्णिमा की उपासना विधि: गुरु पूर्णिमा पर सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल डालकर स्नान करें. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. फिर, घर के मंदिर में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें. सबसे पहले महर्षि वेद व्यास जी, भगवान विष्णु और अपने इष्टदेव का ध्यान करें.
इसके बाद अपने गुरु की पूजा करें. उन्हें रोली, चंदन, अक्षत, पीले फूल और पीली मिठाई अर्पित करें. फिर, मंत्र जाप: ऊं गुरुवे नमः या अपने गुरु द्वारा दिए गए मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. उसके बाद गुरु जी की आरती उतारें, चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें और उन्हें अपनी सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा या वस्त्र भेंट करें.
मनोकामना पूर्ति के अचूक उपाय
ज्ञान और विद्या के लिए- विद्यार्थी इस दिन अपने गुरु को पीले रंग की वस्तुएं जैसे पीली मिठाई, पीले वस्त्र या चने की दाल भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें.
किस्मत और गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए- पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और उसकी सात बार परिक्रमा करें. पीपल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है.
सुख-समृद्धि के लिए- आज के दिन गरीबों या जरूरतमंदों को पीले फल, चने की दाल, केसरयुक्त खीर, धार्मिक पुस्तकें या वस्त्रों का दान करना अत्यंत फलदायी होता है.
मानसिक शांति के लिए- शिवलिंग पर जल में थोड़ा-सा केसर मिलाकर अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय का जाप करें.
इन 4 राशियों को मिलने जा रहा है बंपर लाभ
मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर और व्यापार के लिहाज से वरदान साबित होगा. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. लंबे समय से रुका हुआ प्रमोशन या इंक्रीमेंट मिल सकता है. नए व्यापारिक सौदे होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं.
कर्क राशि: कर्क राशि में ही सूर्य और गुरु की युति रहेगी, जिससे इस राशि के जातकों का आत्मविश्वास चरम पर होगा. समाज में पद और प्रतिष्ठा बढ़ेगी. आपके निर्णय और कार्यशैली की सराहना होगी. जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे. परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है.
तुला राशि: तुला राशि वालों के लिए यह महासंयोग भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी लेकर आएगा. नया वाहन या मकान खरीदने का सपना पूरा हो सकता है. मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी और पारिवारिक माहौल खुशनुमा बना रहेगा.
मकर राशि: चंद्रमा के आपकी ही राशि में होने और सामने सूर्य-गुरु की दृष्टि पड़ने से मकर राशि के जातकों को बहुमुखी लाभ होगा. साझेदारी के काम में बड़ा मुनाफा हो सकता है. नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए समय उत्तम है. भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे हर रुके हुए काम में गति आएगी.
आषाढ़ पूर्णिमा पर अवश्य करें ये उपाय
➤पूर्णिमा की रात को दूध और गंगाजल मिले जल से चंद्रमा को अर्घ्य दें.
➤इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना और मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है.
➤जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या चने की दाल का दान करें. गुरु और सूर्य की कृपा से घर में समृद्धि आएगी.
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