कानपुर जू की झील में हजारों मछलियों की मौत, नाले का गंदा पानी पहुंचा; अब पानी किया जा रहा साफ

कानपुर जू से एक चिंताजनक खबर सामने आई है. 21 और 22 जुलाई की दरमियानी रात ज़ू के सफारी क्षेत्र में बनी झील में अचानक दर्जनों मछलियां मरी हुई पाई गईं. गश्त पर तैनात चौकीदार ने सबसे पहले पानी की सतह पर तैरती मरी हुई मछलियों को देखा, जिसके बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया.
आज़ाद नगर डिपो से आए गंदे पानी ने घोला ज़हर: क्षेत्रीय वन अधिकारी फिरोज खान के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही चिड़ियाघर प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की. शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि रात 21/22 की रात में हुई भारी बारिश के कारण आज़ाद नगर रोडवेज डिपो क्षेत्र से आने वाले नाले का ओवरफ्लो हुआ गंदा और दूषित पानी सीधे चिड़ियाघर की झील में आ मिला. इस गंदे पानी के मिश्रण से झील का पूरा पानी बुरी तरह प्रदूषित हो गया.
ऑक्सीजन की कमी बनी मौत की वजह: नाला मिलने से झील के पानी में ऑक्सीजन (O2) का स्तर तेजी से गिर गया. पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी और विषैले तत्वों के बढ़ने की वजह से मछलियों का दम घुटने लगा और उनकी मौत हो गई. चिड़ियाघर की जलीय पारिस्थितिकी (एक्वाटिक इकोसिस्टम) के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है.
पानी को साफ करने में जुटी टीम, नगर निगम को पत्र: घटना के तुरंत बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. झील के पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए ‘O2 मैक्स’ (O2 Max) की गोलियां डाली गई हैं. इसके साथ ही पानी में फैले विषैले तत्वों को खत्म करने के लिए ‘टॉक्सीमार’ (Toximar) नामक केमिकल का छिड़काव किया गया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन ने नगर आयुक्त और नगर निगम कानपुर को पत्र लिखकर नाले के गंदे पानी को ज़ू की झील में आने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है.
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