चाइनीज मांझे ने फिर किया लहूलुहान, कानपुर की 80 फीट रोड पर बैंक अधिकारी के साथ हुई घटना

चाइनीज मांझे पर रोक के बावजूद कानपुर शहर में इसकी बिक्री धड़ल्ले से जारी है. इसका इस्तेमाल राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. कर्नलगंज निवासी निजी बैंक के अधिकारी प्रशांत साहू भी चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए.
मांझा उनकी गर्दन में फंसने से जख्म हो गया, जबकि गर्दन को बचाने के प्रयास में हाथ की एक उंगली बुरी तरह कट गई. उनकी उंगली अलग होते-होते बची.

80 फीट रोड पर हुई घटना: प्रशांत साहू ने बताया कि वह एक निजी काम से रामबाग चौराहे से 80 फीट रोड वाली रोड पर जा रहे थे. इसी दौरान अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया. मांझा गर्दन में फंसते ही उन्होंने बचाव के लिए तत्काल अपना हाथ गर्दन पर लगा दिया. इस दौरान मांझा उनके उल्टे हाथ की एक उंगली में फंस गया. मांझे की धार इतनी तेज थी कि उंगली से मांस निकल गया और वह अलग होते-होते बची.
तेज खून निकलने लगा: पीड़ित ने बताया मांझे से उनकी दो अन्य उंगलियों और हाथ में भी चोट आई है. घटना के बाद अचानक तेज खून निकलने लगा. गर्दन पर भी जख्म हो गया, जिसमें जलन होने लगी. उन्होंने तत्काल ड्रेसिंग कराई.
पुलिस से की शिकायत: घटना के बाद प्रशांत ने मामले की शिकायत बजरिया थाने में की है. उन्होंने थाने में शिकायती पत्र देकर चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक के बावजूद इसके खुलेआम इस्तेमाल किए जाने की ओर पुलिस का ध्यान दिलाया है.
मांझा खतरा बना हुआ: यह घटना बताती है कि चाइनीज मांझे से लगातार राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के घायल होने का खतरा बना रहता है. इसके बावजूद शहर में इसकी बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है. प्रशांत के साथ हुई घटना ने एक बार फिर चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है.
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