अखिलेश सरकार में हुए पशुधन विभाग भर्ती घोटाले में रिटायर्ड IAS योगेश कुमार गिरफ्तार

लखनऊ के रिटायर्ड IAS अधिकारी योगेश कुमार को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गिरफ्तार कर लिया है. कार्रवाई 12 साले पुराने पशुधन विभाग भर्ती घोटाले मामले में की गई है. सपा सरकार के दौरान पशुधन विभाग में 2014 में 1198 पदों पर हुई थी. 2017 में मामले से जुड़ी रिपोर्ट सौंपी गयी थी.
.2014 में अखिलेश यादव की सपा सरकार के दौरान पशुपालन विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारी के 1198 पदों पर भर्ती निकाली गई थी. 2 फरवरी 2014 को परीक्षा कराई गई थी. इसके बाद भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे.
जांच में पता चला कि भर्ती में तय नियमों को ताक पर रख दिया गया था। OMR शीट की जांच एक ही जगह रखकर कराई गई, जिससे नंबरों में हेरफेर किया जा सके. जिलों या मंडलों की जो कमेटियां चयन करती थीं, उनके अधिकार खत्म कर दिए गए थे.
रिटायर्ड IAS अफसर की गिरफ्तारी क्यों? भर्ती के समय योगेश कुमार पशुपालन विभाग में प्रमुख सचिव थे। जांच एजेंसी को उनके खिलाफ धांधली में शामिल होने के पक्के सबूत मिले. योगेश कुमार 1980 बैच के अफसर हैं.
भर्ती के समय राजकिशोर सिंह पशुपालन मंत्री थे राजकिशोर सिंह भर्ती के समय पशुपालन मंत्री थे. 2016 में मंत्री पद हटा दिए गए थे। 8 साल तक साइडलाइन रहने के बाद 2024 में भाजपा में शामिल हो गए थे. राजकिशोर सिंह बस्ती से 6 बार विधानसभा और 3 बार लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए फाइल सरकार की मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई है.
EOW डीजी जेएन सिंह ने बताया- सबूत मिलने के बाद योगेश कुमार को राजधानी के गोमती नगर से गिरफ्तार किया गया है. आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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