कानपुर मेट्रो की लापरवाही से काकादेव में अपार्टमेंट की जमीन खिसकी, लोगों को रेस्क्यू किया गया

कानपुर में शुक्रवार को जोरदार बारिश के बाद काकादेव में एक अपार्टमेंट का हिस्सा धंस गया. इस दौरान करीब 50 से अधिक लोगों को रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया, वहीं ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की 100 फीट तक की दीवार भरभराकर गिर गई.मौके पर भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी भी पहुंचे.
मिली जानकारी के अनुसार कानपुर मेट्रो की लापरवाही से काकादेव थाना क्षेत्र के पांडु नगर में स्थित ‘हरमोनी विला’ अपार्टमेंट का एक बड़ा सिरा अचानक ताश के पत्तों की तरह धंस गया. जमीन खिसकने से पूरी सोसायटी में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में इमारत को खाली कराया गया है.
स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि टनल या पिलर के लिए चल रहे मेट्रो के निर्माण कार्य की वजह से यहां की जमीन खिसकी है. इसके चलते अपार्टमेंट के बेसमेंट की भारी-भरकम दीवार ढह गई और देखते ही देखते कई दुपहिया वाहन मलबे और गहरे गड्ढे में जमींदोज हो गए. गनीमत रही कि वक्त रहते लोग सचेत हो गए, वरना एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था.
घटना की सूचना मिलते ही काकादेव पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. अब तक 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी तेजी से जारी है.
स्थानीय निवासी (गुस्से और डर में) ने कहा कि ”हम लोग अपने घरों में थे, तभी अचानक एक तेज आवाज हुई और लगा जैसे भूकंप आ गया हो. नीचे आकर देखा तो बेसमेंट की दीवार धंस चुकी थी और हमारी गाड़ियां मलबे में दबी थीं. यह पूरी तरह से मेट्रो प्रशासन की लापरवाही है, वे सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रख रहे हैं। हमारी जान पर बन आई है.”
एसीपी आकांक्षा पांडे ने बताया कि ”पांडु नगर के हरमोनी विला में बेसमेंट की दीवार धंसने की सूचना मिली थी. पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत 50 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है. प्राथमिकता सबको सुरक्षित बाहर निकालने की है. हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है और जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी.”
फिलहाल, इलाके में तनाव और डर का माहौल है. पीड़ित परिवार मेट्रो प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इस घटना ने एक बार फिर विकास कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मालूम हो कि देर रात एक बजे से तड़के 5 बजे तक करीब 4 घंटे में 99.9 मिमी बारिश हुई। बारिश के बाद नगर निगम के नाला सफाई की पोल खुल गई. शहर के 10 से अधिक इलाकों में जलभराव हो गया। जलभराव के चलते सुबह स्कूल और ऑफिस जाने वालों को घुटनों तक भरे पानी के बीच होकर जाना पड़ा. स्वरूप नगर और लाजपत नगर में घंटों लोग जाम में फंसे रहे। इस दौरान वाहन रेंगते रहे.
उत्तर प्रदेश से और खबरें

फतेहपुर में बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़, हिस्ट्रीशीटर के पैर में लगी गोली; साथी फरार
3 जुलाई 2026
एटा में कंटेनर ने यात्रियों को रौंदा, 5 की मौत; रोडवेज बस खराब होने पर खड़े थे
3 जुलाई 2026
‘मिस्त्री मान जाओ’ वाली सोशल मीडिया स्टार निशा चौहान की हत्या, पति भी गंभीर रूप से घायल
3 जुलाई 2026