Kanpur Viral Video: गुजैनी मारपीट केस में नया मोड़, वायरल वीडियो ने बदली कहानी, महिला पर ही उठे सवाल

Kanpur Viral Video: Kanpur के गुजैनी थाना क्षेत्र में 9 मार्च को हुए मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस पूरे मामले की दिशा बदल दी है। वीडियो सामने आने के बाद पहले लगाए गए आरोपों पर सवाल खड़े होने लगे हैं और पुलिस की कार्रवाई भी जांच के घेरे में आ गई है।

मामले की शुरुआत उस समय हुई थी जब गुजैनी क्षेत्र की एक महिला ने पड़ोस में रहने वाले युवक विकास पंडित के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि 9 मार्च को जब वह किसी काम से घर से बाहर जा रही थी, तभी आरोपी ने उसे गालियां दीं और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने उसके बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया, उसके साथ अभद्रता की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
हालांकि, सोमवार को सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। वायरल वीडियो में जो दृश्य सामने आए हैं, वे शिकायत में लगाए गए आरोपों से बिल्कुल अलग कहानी बयान कर रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कथित पीड़िता ही अन्य महिलाओं और कुछ लोगों के साथ मिलकर युवक को चप्पलों से पीट रही है।
वीडियो में यह भी सुनाई दे रहा है कि महिला युवक को गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक टिप्पणियां कर रही है और यह कहती हुई नजर आ रही है कि “ब्राह्मण उसके पैर छूते हैं।” इस दृश्य ने पूरे मामले को उलझा दिया है और अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सच्चाई क्या है।
वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे एकतरफा कार्रवाई का मामला बता रहे हैं और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वीडियो में दिख रही घटना सही है, तो मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
दूसरी ओर, आरोपी विकास पंडित ने भी छेड़छाड़ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह खुद अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास गए थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें वहां से भगा दिया गया।इस पूरे घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो शिकायत से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि पुलिस दोनों पक्षों की बात को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच करे।
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