भारी बारिश से कानपुर के जाजमऊ इलाके में 10 मकान गिरे, 25 से ज्यादा लोग मलबे में फंसे

✍️NNS Desk
भारी बारिश से कानपुर के जाजमऊ इलाके में 10 मकान गिरे, 25 से ज्यादा लोग मलबे में फंसे

कानपुर के जाजमऊ स्थित नई बस्ती में मंगलवार को भारी बारिश के बाद बड़ा हादसा हो गया. जलभराव और कमजोर मकानों के चलते करीब 10 कच्चे मकान गिर गए. मलबे में 25 से ज्यादा लोग फंस गए.

कबाड़ की फेरी करने वाले परिवार के चार लोग घायल: बारिश और जलभराव के दौरान कबाड़ की फेरी लगाने वाले शानू का पूरा परिवार हादसे की चपेट में आ गया. शानू, उसकी पत्नी नरगिस, 3 वर्षीय बेटी आयतल और मां नसरीन घायल हो गईं. सभी का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है.

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं. चीफ फायर ऑफिसर दीपक शर्मा की मौजूदगी में राहत और बचाव अभियान चलाया गया. रेस्क्यू टीमों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला गया: सूचना मिलने के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। टीमों ने हुमैरा, नसीब जहां, राशिद, खुर्शीदा, चांद, बिंदेश्वरी, शाहजहां, माजिद, साजन कुमार, लाली, शाहीन, तौहीद, गोलू, जानकी, मुन्ना लाल, शानू, आयतल, नसरीन, नरगिस और विपिन समेत कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.

टीम ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया: हैफायर अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि मिनी कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि जाजमऊ क्षेत्र के रविदास नगर में कुछ मकान गिर गए हैं और उनमें लोग फंसे हुए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए जाजमऊ फायर स्टेशन की टीम, वाहन और स्पेशलाइज्ड मल्टी डिजास्टर रेस्क्यू व्हीकल (MDRV) को तत्काल मौके पर भेजा गया. इसके बाद मैं और अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे.

नाले पर कब्जे को लेकर लोगों में नाराजगी: स्थानीय लोगों ने जलभराव के लिए नाले पर हुए अतिक्रमण को जिम्मेदार ठहराया है. उनका आरोप है कि डॉट नाले के ऊपर दर्जनों कबाड़ियों ने कब्जा कर दुकानें बना ली हैं, जिसके कारण नाले की सफाई नहीं हो पाती. लोगों का कहना है कि नाला पूरी तरह चोक होने से बारिश का पानी बस्ती में भर जाता है. लोगों ने नगर निगम से नाले पर हुए कब्जों के खिलाफ कार्रवाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है. यह क्षेत्र कैंट विधानसभा के वार्ड-73 के अंतर्गत आता है.

मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि क्षेत्र में काफी गहराई तक पानी भरा हुआ था और कुछ लोग घरों के अंदर फंसे हुए थे. रेस्क्यू टीम ने करीब 12 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें बच्चे और गर्भवती महिला भी शामिल थीं.

पानी निकासी की समस्या हुई और नाला फट गया: सपा विधायक हसन रूमी ने बताया कि वार्ड-74 की नई बस्ती में बारिश के बाद नाला फटने से कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. हालात को देखते हुए सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, ताकि करंट फैलने का खतरा न रहे. पानी निकालने के लिए जीएम जलकल और संबंधित अधिकारियों से सक्शन मशीन भेजने को कहा गया है.

उन्होंने बताया कि अंधेरा होने के कारण राहत कार्य में परेशानी आ रही है। पार्षद फकर भाई ने भी जेई को फोन कर बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कहा है, ताकि एक स्थान से कनेक्शन जोड़कर उजाले की व्यवस्था की जा सके. मौके पर जल निगम, जलकल और नगर निगम के कर्मचारी मौजूद हैं. सभी संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और वे मौके पर पहुंच रहे हैं.

लापरवाही के सवाल पर उन्होंने कहा कि लगातार दो घंटे हुई तेज बारिश के कारण पानी निकासी की समस्या हुई और नाला फट गया. पानी घरों के नीचे से जाने के कारण जमीन धंस गई और मकान क्षतिग्रस्त हो गए. उन्होंने कहा कि अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने और प्रभावित लोगों की मदद की जाए. उन्होंने बताया कि जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी सूची तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी. इसके बाद नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों की समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखा जाएगा, ताकि उन्हें उचित सहायता मिल सके.

टीम ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया है. अब कोई भी महिला, पुरुष या बच्चा अंदर फंसा हुआ नहीं है. सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है.

इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है. शुरुआत में पानी का स्तर काफी ज्यादा था, लेकिन अब पानी कम हो गया है. जल निकासी के लिए नगर निगम की जेसीबी भी बुलाई गई है, जिससे ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कर पानी बाहर निकाला जा सके. फिलहाल कोई व्यक्ति अंदर फंसा नहीं है.”

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