कानपुर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हाउस अरेस्ट:सतीश महाना के बयान पर विरोध प्रदर्शन करने वाले थे

कानपुर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इस पर बयान दिया था. बयान के विरोध में कानपुर कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला प्रदर्शन का ऐलान किया था.
प्रदर्शन से पहले शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे चकेरी पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर दिया. उन्हें लालबंगला स्थित उनके आवास से बाहर नहीं निकलने दिया गया. इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई. बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास पर पहुंच गए.
शाम 4 बजे फूलबाग में था प्रदर्शन: संदीप शुक्ला ने शाम 4 बजे फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना-प्रदर्शन बुलाया था. उनका आरोप है कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान से करोड़ों रामभक्तों की आस्था आहत हुई है. बयान से यह संदेश गया कि कथित चंदा चोरी की जानकारी होने के बावजूद सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही है.
संदीप शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर फेसबुक पोस्ट की थी. इसके बाद भाजपा समर्थकों ने उनके खिलाफ फर्जी पोस्ट वायरल की. उनका आरोप है कि इससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई. उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर रामभक्तों का अपमान किया गया. इसी के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का फैसला लिया गया था.
‘लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा’: हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद संदीप शुक्ला ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है. सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है. यदि विरोध की भी अनुमति नहीं मिलेगी तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.
हाउस अरेस्ट की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता लालबंगला स्थित उनके आवास पहुंच गए. कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया. उन्होंने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया. एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात रहा. स्थिति पर लगातार नजर रखी गई.
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