HimachalPradesh : हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति ज़िले में भारी बर्फबारी के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बर्फ से ढके पहाड़, जमी झीलें और खूबसूरत नज़ारे सोशल मीडिया यूजर्स को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इसी बीच सिस्सू लेक हादसा सामने आया है, जिसने पर्यटकों की लापरवाही और प्राकृतिक खतरों को उजागर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, सिस्सू लेक की जमी हुई झील की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे थे। इन्हीं नजारों को करीब से कैमरे में कैद करने के लिए दो पर्यटक रील बनाते समय झील की जमी बर्फ पर उतर गए। शुरुआत में बर्फ मजबूत दिख रही थी, लेकिन कुछ ही पलों में झील की सतह का एक हिस्सा अचानक टूट गया। इससे दोनों पर्यटक संतुलन खो बैठे और बर्फीले पानी में डूबने लगे।
घटना के वक्त वहां मौजूद अन्य पर्यटकों ने शोर मचाया, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। सिस्सू लेक हादसा गंभीर रूप ले सकता था, लेकिन समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दोनों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी हालत स्थिर है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सर्दियों में झील की सतह जमी हुई जरूर दिखाई देती है, लेकिन अंदर की बर्फ कमजोर होती है। ऐसे में झील पर चलना या फोटो और रील बनाने के लिए जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। सिस्सू लेक हादसा इसी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों पर सावधानी बरतें और चेतावनी बोर्डों का पालन करें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सिस्सू लेक और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा सकती है।
पर्यटन विभाग ने भी साफ किया है कि बर्फबारी के बाद झीलों और ऊंचाई वाले इलाकों में खतरा बना रहता है। सिस्सू लेक हादसा पर्यटकों के लिए एक चेतावनी है कि प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
