उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंकिता भंडारी न्याय मांग को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती की है।

सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में हो रही देरी से जनता में गहरा आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की जा रही है और लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले में निष्पक्ष और तेज कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
हजारों पुलिसकर्मी किए गए तैनात
देहरादून में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर के संवेदनशील इलाकों में हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रमुख चौराहों और सरकारी इमारतों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैल सके।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी। किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जनता की भावना
अंकिता भंडारी का मामला उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का मानना है कि इस केस में न्याय मिलना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। यही कारण है कि अंकिता भंडारी न्याय मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं।प्रशासन की कड़ी निगरानी के बीच फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनकी आवाज सड़कों पर गूंजती रहेगी।
