राममंदिर में चढ़ावा चोरी: SIT का ट्रस्टी अनिल मिश्रा को समन, चंपत राय का ख़ास टिन्नू पर भी नजर

✍️NNS Desk
राममंदिर में चढ़ावा चोरी: SIT का ट्रस्टी अनिल मिश्रा को समन, चंपत राय का ख़ास टिन्नू पर भी नजर

श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे की राशि में हुई कथित वित्तीय अनियमितता (घोटाले) के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश अब बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और आईजी कानून-व्यवस्था के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय एसआईटी की टीम ने कल राम जन्मभूमि परिसर में लगातार 11 घंटे तक सघन जांच और भौतिक निरीक्षण किया. इस दौरान एसआईटी ने दान प्रबंधन से जुड़े कई बड़े चेहरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

सबसे ज्यादा चर्चा में आए चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ की है. टिन्नू से उनकी संपत्ति का ब्योरा तलब किया गया है. गुरुवार को कागजात के साथ दोबारा टिन्नू को एसआईटी के सामने आना है.बता दें कि टिन्नू यादव पर आरोप है कि उन्होंने अपने भतीजे मनीष यादव को मंदिर के यात्री सुविधा केंद्र में पैसे गिनने के काम में लगवाया था, जो अब रडार पर है.

ट्रस्टी अनिल मिश्रा को सम्मन, गोपाल राव से तीखे सवाल: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के महत्वपूर्ण ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को पूछताछ के लिए आधिकारिक तौर पर सम्मन जारी किया है.  इसके साथ ही, ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से भी जांच दल ने आमने-सामने बिठाकर लंबी पूछताछ की है.  एसआईटी ने इस पूरे मामले में पूछताछ के लिए करीब 200 लोगों की एक विस्तृत लिस्ट तैयार की है. 

CCTV से छेड़छाड़ की आशंका और बैंक कर्मियों की लापरवाही: जांच से जुड़े बेहद पुख्ता सूत्रों का दावा है कि मंदिर परिसर के भीतर जहां चढ़ावे और भारी कैश की गिनती होती थी, वहां लगे CCTV कैमरों के फुटेज के साथ छेड़छाड़ या उन्हें जानबूझकर बंद किए जाने की प्रबल आशंका है.  एसआईटी की तकनीकी टीम इन कैमरों के डिजिटल रिकॉर्डर (DVR) को खंगाल रही है.  इसके अलावा, जांच में सरकारी और निजी बैंकों के कुछ कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही और मिलीभगत भी सामने आई है. काउंटर पर मिले रिकॉर्ड और बैंक में जमा की गई राशि के बीच बड़ा अंतर (मिसमैच) पाया गया है. एसआईटी के सामने जो रिकॉर्ड पेश किए गए हैं, उन्हें टीम ने पूरी तरह ‘असंतोषजनक’ पाया है. 

पहले पकड़े गए 5 आरोपियों ने उगले कई बड़े नाम: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत में हिरासत में लिए गए पांच आरोपियों (जिनमें लवकुश मिश्रा, मनीष यादव आदि शामिल हैं और जिनके पास से लाखों की नकदी बरामद हुई थी) ने पूछताछ में कई रसूखदार और अंदरूनी नामों का खुलासा किया है.

एसआईटी की टीम अब इन आरोपियों के बयानों की कड़ियों को जोड़ने और उनके वित्तीय लेन-देन की तस्दीक करने में जुटी है. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भी साफ कर दिया है कि जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों को हर हाल में बेनकाब किया जाएगा.

अयोध्या से और खबरें